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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड के वीर सपूतों ने हर बार जान पर खेलकर देश की रक्षा की है। जब हम घर में चौन की नींद सो रहे होते हैं, तब ये जवान सरहदों की रक्षा कर रहे होते हैं। ऐसे ही एक वीर सपूत थे शहीद Commando Mohan Nath Goswami ..शहीद मोहन नाथ गोस्वामी नैनीताल जिले के बिन्दुखता के रहने वाले थे। आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए स्पेशल फोर्स के मोहन नाथ गोस्वामी को शांतिकाल में देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से नवाजा गया था। लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी की वीरता के चर्चे आज भी उनकी बटालियन में होते हैं। आतंकियों के खात्मे की जब बात आती है तो इस जांबाज कमांडो का नाम सबकी जुबान पर आ जाता है। उन्होंने साल 2002 में सेना की इलीट पैरा कमांडो को ज्वाइन किया था। इलीट पैरा कमांडो यानी पल भर में दुश्मन को बिजली की तेजी से नेस्तनाबूत कर देने वाला जांबाज। आगे पढ़िए
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