हरिद्वार में मानवता शर्मसार, काम के नाम पर लायी गयी युवती के साथ हैवानियत

दोनों पति-पत्नी मासूम बच्ची के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया करते थे। आखिरकार दावा व्यापारी की काली करतूत का पर्दाफाश हुआ.. पढ़िए...
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Inhuman Behave With Teenager: Inhuman Behave With Teenager Worker by Businessman in Haridwar
Image: Inhuman Behave With Teenager Worker by Businessman in Haridwar

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां इंसानियत शर्मसार हुई है। हरिद्वार में एक दवा कारोबारी दंपति की काली करतूत का पर्दाफाश हो चुका है। घर पर अच्छी शिक्षा देने और काम में मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ से लाई किशोरी को बंधक बनाकर रखने के मामले में पुलिस ने आरोपी दवा कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आरोपी की पत्नी फरार बताई जा रही है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। दरअसल आरोपी दंपति लखनऊ से हरिद्वार एक किशोरी को अपने घर पर काम करने लाया था। बताया जा रहा है कि किशोरी के माता-पिता का देहांत हो चुका है जिसके बाद लखनऊ की शिप्रा पालीवाल अच्छी तालीम देने के बहाने किशोरी को हरिद्वार ले आई थी। लेकिन उसका स्कूल में एडमिशन कराना तो दूर उसको अच्छी तरह से रखा ही नहीं गया। दो सालों से किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया। उससे काम कराने के अलावा किशोरी को तरह-तरह की यातनाएं दी गईं। छोटी सी गलती होने पर किशोरी को बेहद बुरी तरह पीटा जाता था। आरोपी दंपति ने लंबे समय से किशोरी को बंधक बनाकर अपने घर पर रख रखा था। वह किशोरी को प्रताड़ित करते थे, उसके साथ मारपीट करते थे और उसका शोषण करते थे। पुलिस ने दवा कारोबारी आरोपी शशांक पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसकी पत्नी शिप्रा की तलाश पुलिस कर रही है। बता दें कि पीड़िता के शरीर पर 12 से भी अधिक चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने किशोरी को देहरादून स्थित राजकीय बाल गृह भेज दिया है। यह पूरा मामला आरोपियों के पड़ोसी की जागरूकता के कारण ही सामने आया। अगर वह पुलिस को इस बारे में जानकारी नहीं देते तो शायद अब भी किशोरी उनके चंगुल में होती और प्रताड़ित हो रही होती। पुलिस ने दोनों के खिलाफ ज्वूनाइल जस्टिस एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आइये आपको पूरे मामले की संक्षिप्त से जानकारी देते हैं।

दरअसल आरोपी शशांक पालीवाल और उसकी पत्नी शिप्रा पालीवाल हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली के हरीलोक कॉलोनी के निवासी हैं। शशांक पालीवाल का दवाइयों का कारोबार है। हरीलोक कॉलोनी में वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता है। शशांक की पत्नी शिप्रा मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली है। 2 वर्ष पहले वह लखनऊ अपने मायके गई थी और वहां से वह पीड़िता किशोरी को अच्छी तालीम और वातावरण देने की बात कहकर अपने साथ लेकर हरिद्वार ले आई। किशोरी के माता-पिता का कई वर्ष पूर्व भी देहांत हो चुका है और वह अपने चाचा चाची के साथ लखनऊ में रहती थी। हरिद्वार आने के बाद पीड़िता के साथ पति-पत्नी जानवरों जैसा सलूक करते थे और उसको खूब मारते थे। वे न केवल उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते थे बल्कि उसका मानसिक और शारीरिक रूप से शोषण भी करते थे। यहां तक कि एक बार किशोरी के बाल खाने में गिर गए थे तो उन्होंने किशोरी के माथे के बालों को ही काट दिया था। किशोरी लंबे समय से दोनों पति पत्नी का यह जुल्म सहती रही। बीते दिनों किसी तरह उसने हिम्मत जुटा करउनके पड़ोसी के पास मदद की गुहार लगाई। वे उनके पड़ोसी के पास पहुंची और उसने अपने साथ हो रही मारपीट और बुरे बर्ताव बारे में उनको अवगत कराया। उसके बाद उनके पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी कि शशांक पालीवाल और उसकी पत्नी अपने घर पर एक किशोरी को प्रताड़ित कर रहे हैं और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली से एसआई सद्दाम शेख मौके पर रवाना हो गए और उन्होंने किशोरी को अपने कब्जे में लिया। पूछताछ में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। किशोरी के शरीर पर चोट के कुल 12 निशान मिले। वहीं पुलिस की सूचना के बाद बीते शुक्रवार को किशोरी के चाचा-चाची भी हरिद्वार पहुंचे। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही बच्ची से मिलने आए थे लेकिन उनको किशोरी से मिलने नहीं दिया। बता दें कि किशोरी के चाचा के बैंक खाते में हर महीने तनख्वाह के तौर पर ₹3000 भेजे जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि आरोपी दंपति की खुद दो लड़कियां हैं। दो बच्चियां होने के बावजूद अनाथ बच्ची के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए भी दोनों की रूह एक बार भी नहीं कांपी एक अनाथ बच्ची के साथ दरिंदगी की सभी हदें पार करने पर शिप्रा और उनके पति शशांक पालीवाल का दिल नहीं पसीजा। पुलिस के मुताबिक किशोरी को बेहद बुरी तरह पीटा गया ही। यही नहीं किशोरी के बाल खाने में ना गिरे इसके चलते किशोरी के बाल भी काट दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेंद्र सिंह रावत का कहना है कि वह इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। वही ज्वालापुर के कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी का कहना है कि एसआई सद्दाम से की तरफ से आरोपी दंपति के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट एवं मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। उनका कहना है कि शशांक पालीवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि उनकी पत्नी फरार बताई जा रही है। पुलिस जल्दी ही शिप्रा को भी गिरफ्तार करेगी।