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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तरकाशी: 28 जून 2018 का दिन। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का जनता दरबार कार्यक्रम चल रहा था। सीएम लोगों की फरियाद सुन रहे थे, कि तभी उत्तरकाशी से आई प्राइमरी शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा ने जनता दरबार में हंगामा शुरू कर दिया। वो ट्रांसफर संबंधी फरियाद लेकर कार्यक्रम में आई थीं, लेकिन जब उत्तरा के तेवर देख गुस्साए मुख्यमंत्री ने उत्तरा को सस्पेंड करने की धमकी दी तो शिक्षिका ने भी आपा खो दिया। उत्तरा ने सीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। भरी सभा में उन्हें ‘चोर’ तक कह दिया। टीचर उत्तरा पंत बहुगुणा के स्थानान्तरण के मसले में ऐसा विवाद हुआ कि वह मीडिया की सुर्खियां बन गया। मुख्यमंत्री को भरे जनता दरबार में फटकार लगाने वाली यही रिटायर्ड शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा अब उत्तराखंड क्रांति दल का हिस्सा बन गई हैं। आज उन्होंने यूकेडी का दामन थाम लिया। देहरादून प्रेस क्लब में यूकेडी के संरक्षक काशी सिंह ऐरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई।
इस मौके पर उत्तरा पंत बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्य गठन की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाई है। राज्य आंदोलन से ही उनका यूकेडी से भावनात्मक लगाव था। उत्तरा ने कहा कि समय के गर्भ में क्या छिपा है, यह मैं नहीं जानती हूं, लेकिन पार्टी की ओर से मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे निभाऊंगी। उत्तरा पंत ने कहा कि अगर पार्टी मुझ पर विश्वास जताएगी तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने पार्टी में उत्तरा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तरा पंत का दल में शामिल होना बड़े हर्ष की बात है। उनकी सहमति से उन्हें दल में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाएंगे। ताकि वो उत्तराखंड के हित और प्रदेश के गौरव को बढ़ाने के लिए कार्य कर सकें। उत्तरा के यूकेडी से जुड़ने से महिलाओं में और जोश से आएगा और पार्टी को मजबूती मिलेगी। यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि उत्तरा पंत ने पार्टी ज्वाइन की है।