पूछताछ में पता चला है कि ये गैंग आरबीआई के किसी अधिकारी के संपर्क में था। जिसकी मदद से वह पुराने नोटों को बदलने की तैयारी में था। आगे पढ़िए पूरी खबर..
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: 7 Arrested as STF recovered INR 4 Crore Old currency in Haridwar
हरिद्वार: एक बड़ी खबर हरिद्वार से आ रही है। यहां उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुरानी करेंसी का जखीरा पकड़ा है।
STF recovered Old currency worth INR 4 Crore in Haridwar:
एसटीएफ ने हरिद्वार स्थित विकास कॉलोनी में छापेमारी कर 4 करोड़ से अधिक के पुराने नोट बरामद किए। सभी नोट बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के हैं। 7 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। गिरफ्तार सात आरोपियों में तीन स्थानीय और चार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और अमरोहा जिले के निवासी हैं।
आरोपियों की पहचान रुपेश वालिया निवासी जगजीतपुर, यशवीर सिंह निवासी हरिद्वार, अरविंद वर्मा निवासी अमरोहा, आबिद अली निवासी अमरोहा, सोमपाल सिंह निवासी मुरादाबाद, विकास गुप्ता निवासी ऋषिकेश और राजेंद्र निवासी मुरादाबाद के रूप में हुई। रकम कहां से आई, इसको लेकर ज्वालापुर कोतवाली में देर रात तक आरोपियों से पूछताछ जारी रही। एसटीएफ ने आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दी है।
आरोपियों की निशानदेही पर हरिद्वार में लगातार छापेमारी की जा रही है। छापेमारी के दौरान करीब 25 से 30 करोड़ के पुराने नोट पाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। चलिए पूरा मामला बताते हैं। दरअसल उत्तराखंड एसटीएफ को पुरानी करेंसी को बदलने वाले गैंग की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने जाल बिछा दिया। सटीक मुखबिरी के चलते गैंग को दबोच लिया गया। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 4 करोड़ से अधिक के पुराने नोट बरामद हुए।
गैंग का कनेक्शन हरिद्वार के अलावा यूपी के अमरोहा से भी है। पूछताछ में पता चला है कि ये गैंग आरबीआई के किसी अधिकारी के संपर्क में था। जिसकी मदद से वह पुराने नोटों को बदलने की तैयारी में था। बताया जाता है कि पांच करोड़ की पुरानी करेंसी के एवज में एक करोड़ की नई करेंसी मिलनी थी। आरोपियों को करेंसी बदलवाने के एवज में कमीशन मिलना था। पुलिस को कार्रवाई के दौरान गैंग के व्यापक नेटवर्क की भी जानकारी मिली है, जिसके बाद आरोपियों के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है।