सौरभ बहुगुणा: उत्तराखंड चुनाव में कांग्रेस का कद्दावर खिलाड़ी, इस बार साख का है सवाल

सितारगंज विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम से जानी जाती रही है। अभी यहां से उनकी विरासत को बेटे विधायक सौरभ बहुगुणा ने संभाल रखा है।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Saurabh bahuguna: All details about saurabh bahuguna from sitarganj vidhansabha seat
Image: All details about saurabh bahuguna from sitarganj vidhansabha seat

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड में पांचवी बार लोकतंत्र का महापर्व होने जा रहा है। बीजेपी समेत तमाम पार्टियां प्रत्याशियों के चयन की जद्दोजहद में जुटी हैं। बीजेपी इस बार युवा सीएम पुष्कर सिंह धामी को आगे कर चुनाव मैदान में उतर रही है, साथ ही पार्टी ने युवाओं को प्रतिनिधित्व देने की बात भी कही है। सियासी जानकारों का मानना है कि युवा चेहरे पर दांव लगाकर बीजेपी ने संदेश साफ कर दिया है कि संगठन की जिम्मेदारी अधिक उम्र के नेताओं के हाथों में होगी या नौजवान चेहरों के हाथों में। वहीं बात करें प्रदेश बीजेपी के युवा चेहरों की तो इनमें सितारगंज के युवा विधायक सौरभ बहुगुणा का जिक्र करना भी अहम है।ऊधम सिंह नगर की सितारगंज विधानसभा सीट से विधायक रहे सौरभ बहुगुणा इस बार भी टिकट की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। सौरभ बहुगुणा यूपी के सीएम रहे स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के पोते और उत्तराखंड के पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के बेटे हैं। इस तरह उन पर पिता की राजनीतिक विरासत को बचाए रखने का दायित्व भी है। जिसमें वो काफी हद तक सफल भी रहे हैं। दरअसल, सितारगंज विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम से जानी जाती रही है। अभी यहां से उनकी विरासत को बेटे विधायक सौरभ बहुगुणा ने संभाल रखा है। बीते दिनों शक्तिफार्म में सीएम पुष्कर सिंह धामी की जनसभा में उमड़ी भीड़ से विधायक सौरभ बहुगुणा ने चुनाव से पहले पार्टी को क्षेत्र में अपनी ताकत का अहसास कराया है।

तराई में सितारगंज एक अकेली विधानसभा है जहां अल्पसंख्यक कहे जाने वाले बंगाली और मुस्लिम बड़ी संख्या में हैं। विधायक सौरभ बहुगुणा यहां के लोगों का दिल जीतने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं। वकालत कर चुके सौरभ बहुगुणा ने पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मालती बिस्वास को हराया था। पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की तीसरी पीढ़ी के रूप में सौरभ क्षेत्र के लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। बीते साल कोरोना के भयावह दौर में उन्होंने सितारगंज में ऑक्सीजन बैंक की स्थापना कर क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं की सौगात दी। 10.50 करोड़ की लागत से सूखी नदी पर 180 मीटर लंबे पुल का निर्माण भी कराया। सितारगंज में वर्तमान में करीब 1.7 लाख मतदाता हैं। युवा पीढ़ी का नेतृत्व करने वाले विधायक सौरभ बहुगुणा अब यहां से दूसरी पारी की शुरुआत की तैयारी में जुट गए हैं। उन्हें वर्तमान सीट सितारगंज से ही दोबारा टिकट मिलने की उम्मीद है।