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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हल्द्वानी: आगामी फरवरी में उत्तराखंड में पांचवी बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। लोकतंत्र के महापर्व को लेकर प्रदेश की जनता में जबर्दस्त उत्साह है। वैसे तो चुनाव में हर विधानसभा सीट महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उत्तराखंड के कुमाऊं में दो क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां का एक-एक मतदान केंद्र चुनावों में भारी उलटफेर करने की ताकत रखता है। ये हैं हल्द्वानी और कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र। यहां वोटरों की संख्या बहुत अधिक है। ऐसे में अगर किसी भी मतदान केंद्र में किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान होता है तो ये स्थिति पूरे चुनाव में उलटफेर करने के लिए काफी है। नैनीताल जिले की दोनों विधानसभा सीटों के सबसे अधिक वोटरों वाले मतदान केंद्रों का आंकलन किया जाए तो हल्द्वानी और कालाढूंगी विधानसभा के 5 मतदान केंद्र सबसे आगे हैं। हल्द्वानी के जीआईसी वनभूलपुरा बूथ में सबसे ज्यादा 7444 वोटर हैं।
इसी तरह जीजीआईसी वनभूलपुरा मतदान केन्द्र 6571 वोटर के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे स्थान पर एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी केंद्र पर 5922 वोटर हैं। चौथे स्थान पर कालाढूंगी विधानसभा सीट का आईटीआई मुखानी का मतदान केन्द्र है। इस केन्द्र में 5856 वोटर हैं। पांचवें स्थान पर भी कालाढूंगी का सिंथिया स्कूल छोटी मुखानी मतदान केन्द्र है। इसमें 5292 वोटर हैं। जिले के इन पांच सबसे बड़े मतदान केन्द्रों में कोविड प्रोटोकाल के तहत वोटिंग कराना जिला प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए बड़े मतदान केन्द्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने इस बार वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ाया है। पिछले चुनावों पर नजर डालें तो हल्द्वानी और कालाढूंगी विधानसभा में प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। इस बार भी यहां प्रत्याशियों के बीच कांटे के मुकाबले की उम्मीद है।