उत्तराखंड: टिकट बंटवारे के बाद BJP में घमासान, 5 विधानसभाओं में विरोध..लगी इस्तीफों की झड़ी

पार्टी को सबसे ज्यादा विरोध धारचूला, भीमताल, गदरपुर, द्वाराहाट और नैनीताल विधानसभा सीट पर झेलना पड़ रहा है.
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
uttarakhand assembly elections: Resignation and protest of BJP workers in Uttarakhand
Image: Resignation and protest of BJP workers in Uttarakhand

देहरादून: बीजेपी की ओर से 59 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी होने के बाद से पार्टी में घमासान मचा है। जगह-जगह से विरोध के सुर उठ रहे हैं। कहीं बीजेपी पर टिकट बेचे जाने के आरोप लग रहे हैं तो कहीं पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी से समर्थक नाराज हैं। गढ़वाल मंडल में थराली, गंगोत्री सीट पर चुने गए प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है। इसी तरह कुमाऊं में प्रत्याशियों की सूची जारी होने के कुछ ही घंटे बाद छह से अधिक सीटों पर बगावत करते हुए कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। बीजेपी को सबसे ज्यादा विरोध पिथौरागढ़ की सीमांत धारचूला, भीमताल, गदरपुर, द्वाराहाट और नैनीताल विधानसभा सीट पर झेलना पड़ रहा है। धारचूला में पार्टी उम्मीदवार धन सिंह धामी का विरोध हो रहा है। यहां बीजेपी के 12 से अधिक लोगों ने सामूहिक इस्तीफे का ऐलान किया है। मंडल महामंत्री मनोज कुमार ने कहा कि बीजेपी ने धारचूला को चुनाव लड़ाने की प्रयोगशाला बना दिया है।

गदरपुर में अरविंद पांडेय को टिकट दिए जाने का विरोध हो रहा है। यहां बीजेपी में विभिन्न पदों पर रह चुके रविंद्र बजाज ने कहा कि वो पार्टी में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, लेकिन 32 सालों में पार्टी ने उनका कभी सम्मान नहीं किया। यहां भी कई बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया है। नैनीताल की भीमताल विधानसभा में 300 बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया है। नैनीताल विधानसभा सीट पर भी सरिता आर्य का विरोध हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सचिव दिनेश आर्य ने दो दिन पहले ही बीजेपी में आई सरिता आर्य को टिकट देने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। टिकट के दूसरे दावेदार हेम आर्य भी सरिता आर्य को टिकट देने से नाराज हैं। अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट विधानसभा में भी जिला उपाध्यक्ष कैलाश भट्ट पार्टी के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इसी तरह किच्छा, कपकोट और गंगोलीहाट में भी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी द्वारा चुने गए प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटी है।