गढ़वाल: गांव की चक्की में आटा खाने पहुंच गया भालू का बच्चा, खाते-खाते वहीं फंस गया

रुद्रप्रयाग के पोखरी विकासखंड में आटा खाने पहुंचा 8 माह का भालू का बच्चा, चक्की में ही फंसा..लोगों की भीड़ जम गई।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Rudraprayag flour mill bear video: Bear baby trapped in flour mill in Chaundi village of Rudraprayag
Image: Bear baby trapped in flour mill in Chaundi village of Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग के विकासखंड पोखरी के चौंडी गांव में गजब हो गया। यहां पर तब हंगामा मच गया जब भालू का 8 महीने का बच्चा रात को गांव की आटे की चक्की पर आटा खाने पहुंच गया और चक्की में ही फंस गया। पूरे दिन भालू का 8 महीने का बच्चा कौतूहल का विषय बना रहा। हालांकि ग्रामीणों के बीच में दहशत भी पसरी हुई थी। जिस आटे की चक्की के कक्ष में भालू का बच्चा आटा खाने घुसा था उसके मालिक ने दरवाजा बंद कर दिया और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग को इस बात की सूचना दी। सूचना मिलते ही अगली सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू के बच्चे का रेस्क्यू कर उसको वापस से जंगल में छोड़ दिया गया। घटना बीते बृहस्पतिवार की रात की बताई जा रही है। दरअसल रात को भालू के साथ चल रहा 8 महीने का बच्चा आटा खाने के बहाने भालू से अलग हो गया और चौंडी गांव के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह बुटोला की चक्की कक्ष में घुस गया और आटा खाने लगा।

आटा खाते हुए वह चक्की के बीच में ही फंस गया। आवाज सुनकर जब पूर्व प्रधान को भालू के घुसने का आभास हुआ तो उन्होंने तुरंत ही बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग को दी। अगले ही दिन वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू के बच्चे को चक्की से बाहर निकाल कर जंगल में छोड़ दिया। पूरे दिन यह भालू लोगों के बीच में कौतूहल का विषय बना रहा। वहीं क्षेत्र में भालू की वजह से लंबे समय से दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को जंगली जानवरों से लोगों को निजात दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं और महिलाओं एवं छोटे बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में जोखिम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों को जंगली जानवरों से निजात दिलाने की अपील की है।