उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: ‘हरदा’ को लेकर बड़ी खबर, लगभग फाइनल हो गई है सीट!

रामनगर सीट पर आमने सामने आए हरीश रावत आएंगे मैदान में...रणजीत को छोडऩा पड़ सकता है रामनगर का रण
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Harish Rawat Ramnagar Seat: Harish Rawat may contest from Ramnagar
Image: Harish Rawat may contest from Ramnagar

नैनीताल: हरक सिंह रावत के कांग्रेस में एंट्री के बाद एक और सवाल उत्तराखंड के सियासी गलियारों में तेजी से चल रहा है और वह है रामनगर की हॉट सीट। आखिर कांग्रेस किस को रामनगर की हॉट सीट पर उतारेगी। यह बड़ा सस्पेंस है। सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रामनगर सीट से चुनाव लड़ने के पूरे-पूरे चांस हैं मगर इस सीट पर रणजीत रावत भी अपना हक जता रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने यह बड़ी चुनौती आकर खड़ी हो चुकी है।कांग्रेस ने लंबे इंतजार के बाद शनिवार रात 53 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। रामनगर और सल्ट सीट पर अभी पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं हरदा को रामनगर से चुनाव लड़वाने के पक्ष में खुद हाईकमान भी है। ऐसे में रणजीत रावत के हाथ से रामनगर की सीट धीरे-धीरे जाती हुई दिखाई दे रही है। अब कांग्रेस रणजीत रावत को रामनगर की बजाय सड़क से चुनाव लड़ने के लिए मना रही है। दरअसल कांग्रेस ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। लेकिन सल्ट और रामनगर में अभी प्रत्याशी नहीं तय किए हैं। ऐसे में रामनगर सीट के ऊपर हाई कमान हरीश रावत को चुनाव लड़वाना चाहता है मगर यह सीट रणजीत रावत भी छोड़ना नहीं चाहते हैं। इस सीट पर कभी एक दूसरे के करीबी रहे रणजीत रावत और हरीश रावत दोनों दावा जता रहे हैं। हालांकि कांग्रेस रामनगर और सल्ट की दो सीट पर दावेदार कौन होगा यह तस्वीर भी एक-दो दिन में साफ कर देगी मगर यह तो तय है कि इस सीट से जिसको भी टिकट मिलेगा उसके बाद अन्य प्रत्याशी शत प्रतिशत हंगामा खड़ा करेगा।

कांग्रेस पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम हरीश रावत ने रामनगर से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। वहीं रणजीत भी रामनगर से चुनाव ही लड़ने के लिए अड़े हैं। यदि हरीश रामनगर आए तो रणजीत को यह रण छोड़ना पड़ सकता है। बता दें कि रणजीत रावत 2017 से रामनगर में चुनाव लड़े। 2017 से पहले वह सल्ट से विधायक रह चुके हैं। तब वह सीएम हरीश रावत के बेहद करीबी व मिनी सीएम मानें जाते थे। इसलिए उन्होंने सल्ट छोड़कर उनके मनमुताबिक रामनगर से चुनाव लड़ा। मगर अब उनकी यह राह इतनी आसान नहीं दिख रही है। रणजीत व हरीश रावत के बीच तकरार कुछ समय पहले सामने आ चुकी है। दरअसल रणजीत ने हरदा पर बंदर व सुअरों की बलि देने समेत कई तरह के आरोप लगाए थे। ऐसे में अब हरदा और उनके बीच रामनगर सीट पाने को लेकर फिर तीखी तकरार हो सकती है। वहीं पार्टी सूत्रों की मानें तो हरीश रावत को रामनगर से चुनाव लड़ाने के लिए संजय नेगी, पुष्कर दुर्गापाल व बीडीसी सदस्यों का गुट लगा हुआ है। हरदा खुद भी रामनगर से चुनाव लडऩे के मूड में हैं। इधर, रणजीत अपनी इस सीट को छोड़ना नहीं चाहते क्योंकि वह पांच साल से यहां सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो हाईकमान खुद हरदा को रामनगर से चुनाव लड़वाना चाहता है। ऐसे में रणजीत को रामनगर से कुर्बानी देनी होगी। सल्ट से रणजीत व हरीश रावत रामनगर से कांग्रेस प्रत्याशी हो सकते हैं। कांग्रेस जल्द ही इन दोनों सीटों पर अपना निर्णय सुनाएगी।