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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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देहरादून: बीजेपी ने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, लेकिन 11 सीटों पर अब भी सस्पेंस बरकरार है। दो दिन से पार्टी के रणनीतिकार इन सीटों पर प्रत्याशियों के मंथन में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक सुयोग्य प्रत्याशी की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। जिन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा होना बाकी है, उनमें वीआईपी सीट डोईवाला भी शामिल है। चर्चा है कि बीजेपी यहां से दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के भाई रिटायर कर्नल विजय रावत को चुनाव मैदान में उतार सकती है। डोईवाला का प्रतिनिधित्व अब तक पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अब माना जा रहा है कि बीजेपी यहां से रिटायर कर्नल विजय रावत को टिकट दे सकती है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली में बीजेपी का दामन थामा था और उसके बाद वह उत्तराखंड भी पहुंच गए हैं।
पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी के कई शीर्ष नेता कर्नल रावत को एक सैन्य चेहरे के रूप में विधानसभा चुनावों में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उनके चुनाव लड़ने पर करीब-करीब निर्णय हो चुका है लेकिन सीट को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है। उन्हें डोईवाला या कोटद्वार से टिकट दिया जा सकता है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के मैदान से हटने के बाद पार्टी के कुछ लोग उन्हें डोईवाला से उतारने की पैरवी कर रहे हैं, तो वहीं कुछ उन्हें कोटद्वार सीट से चुनाव लड़ाने के इच्छुक हैं। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि यह तय है कि इन दो में से पार्टी उन्हें किसी एक सीट से चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। बता दें की डोईवाला सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। बीजेपी में रहते हुए ही उन्होंने डोईवाला से चुनाव लड़ने की बात कही थी। अब जबकि वो कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं, तो माना जा रहा है कि कांग्रेस उनका इस्तेमाल डोईवाला विधानसभा सीट पर पेच फंसाने में कर सकती है। उन्हें यहां से टिकट मिल सकता है।