उत्तराखंड: कांग्रेस में जाते ही BJP पर बरसे हरक सिंह रावत, 2016 को लेकर किया बड़ा खुलासा

अब Harak Singh Rawat ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और विजय बहुगुणा पर जोरदार हमला किया है। आगे पढ़िए
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Harak Singh Rawat: Harak Singh Rawat made a big disclosure about Vijay Bahuguna
Image: Harak Singh Rawat made a big disclosure about Vijay Bahuguna

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कुछ चेहरे ऐसे हैं, जो सुर्खियां बटोर रहे हैं। इनमें से एक चेहरा हरक सिंह रावत भी हैं। हाल ही में Harak Singh Rawat बीजेपी से निष्कासित किए थे। इसके बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई। हरक बकायदा माफी मांगकर कांग्रेस में शामिल हुए और अब बीजेपी पर हमलावर हुए हैं। अब हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और विजय बहुगुणा पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत के 4 साल के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए तो विजय बहुगुणा को 2016 में कांग्रेस पार्टी को तोड़ने का सूत्रधार बताया। पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र को लेकर उम्होंने कहा कि त्रिवेंद्र 4 साल सरकार चलाने के दौरान पूरी तरह से फेल हो गए थे। उन्होंने आगे कहा कि त्रिवेन्द्र इस बात को समझ चुके थे कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र में सबक सिखाने का मन बना लिया था। आगे पढ़िए

हरक सिंह रावच ने कहा कि त्रिवेन्द्र के प्रति जनता की नाराजगी को पार्टी हाईकमान भी अच्छी तरह से समझ चुका था। इस वजह से में हाईकमान ने त्रिवेंद्र सिंह रावत से चुनाव न लड़ने की इच्छा वाला पत्र उनसे लिखवाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कोई भी काम नहीं किया, जिसके दम पर हम कह सकें कि उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बन सके। इसके बाद हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम विजय बहुगुणा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विजय बहुगुणा ने ही 2016 में कांग्रेस की सरकार तोड़ने का व्यूह रचा था। उ्होंने कहा कि सरकार गिराने के पीछे विजय बहुगुणा ही सूत्रधार थे। Harak Singh Rawat ने आगे कहा कि विजय बहुगुणा अब कांग्रेस में आना चाहते हैं, लेकिन अब कांग्रेस उन्हें नहीं लेने वाली। इसीलिए विजय बहुगुणा बीजेपी में ही रहने को मजबूर हैं।