पौड़ी गढ़वाल: कांग्रेस में टिकंट बंटवारे के बाद घमासान, कार्यकर्ताओं ने लगाई इस्तीफे की झड़ी

पौड़ी गढ़वाल: कांग्रेस में टिकंट बंटवारे के बाद घमासान, कार्यकर्ताओं ने लगाई इस्तीफे की झड़ी
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Pauri Garhwal Congress: Congress workers resign in Pauri Garhwal
Image: Congress workers resign in Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी में दो बार के कांग्रेस विधायक प्रत्याशी राजपाल बिष्ट को चौबट्टाखाल से टिकट नहीं मिलने पर बवाल मच गया है. कांग्रेस पदाधिकारियों ने इ‌स्तीफों की झड़ी लगा दी है. कार्यकर्ता राजपाल बिष्ट को प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं. जबकि पार्टी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पौड़ी केशर सिंह नेगी को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है.कांग्रेस पार्टी की ओर से अंतिम प्रत्याशियों की सूची घोषित होने के बाद सतपुली में आक्रोश शुरू हो गया है। दरअसल पिछले 10 सालों से क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने के लिए तैयारी कर रहे राजपाल बिष्ट का टिकट काटकर अन्य व्यक्ति को टिकट दिए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने विरोध जाहिर किया। विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष कार्यकर्ताओं ने मिलकर प्रदेश अध्यक्ष और हरीश रावत का पुतला तक दहन कर दिया। टिकट बंटवारे को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। ब्लॉक अध्यक्षों का कहना है कि जो व्यक्ति 10 सालों से क्षेत्र में मेहनत कर रहा है और उसे मौका ना देकर बाहरी व्यक्ति को मौका दिया जा रहा है। ये सही नहीं है। आगे पढ़िए

इस निर्णय से सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी नाराज हैं जिससे 4 ब्लॉकों एकेश्वर, पोखड़ा,बीरोंखाल और द्वारीखाल के अध्यक्षों ने सामुहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह शीर्ष नेतृत्व से आह्वान करते हैं कि जल्द से जल्द फैसले को वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा आने वाले विधानसभा चुनाव में चौबट्टाखाल क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में एक कार्यकर्ता खड़ा नहीं होगा। वहीं चौबट्टाखाल से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रहे राजपाल बिष्ट ने बताया कि सभी लोगों की जन भावनाएं इस टिकट पर टिकी थी और जनता की उम्मीदों के अनुसार टिकट नहीं दिया गया जिसके बाद उन्होंने आक्रोश शुरू कर दिया है। उन्होंने लंबे समय से क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने और जन सेवा में अपना वक्त दिया है। ऐसे में सभी लोगों से वार्ता करने के बाद ही वे आगे का निर्णय ले पाएंगे।