उत्तराखंड: इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे हरक सिंह रावत, कांग्रेस को मिल गया दूसरा कैंडिडेट

Harak Singh Rawat के हाथ से निकला चुनाव लड़ने का आखिरी मौका, जिस सीट पर टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहां से खड़ा होगा दूसरा प्रत्याशी
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Harak Singh Rawat: Harak Singh Rawat will not contest from Chaubattakhal
Image: Harak Singh Rawat will not contest from Chaubattakhal

देहरादून: कांग्रेस किसी भी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। आने वाले चुनावों को देखते हुए कांग्रेस जमकर तैयारी में जुट गई है। वहीं कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी है। उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस सूची में Harak Singh Rawat को भी जगह मिलेगी मगर किस्मत तो देखिए हरक ने अपनी बहू को तो टिकट दिलवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया मगर खुद टिकट पाने में कामयाब ना हो सके। उनको उम्मीद थी कि चौबट्टाखाल से कांग्रेस उनको टिकट जरूर देगी मगर कांग्रेस ने हरक का दिल दुखा दिया है। कांग्रेस ने चुनाव में चौबट्टाखाल से हरक की बजाय केसर सिंह को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में हरक सिंह रावत का चुनाव लड़ने का सपना अधूरा रह गया है। यह तो साफ हो गया है कि हरक सिंह अब टिकट की दौड़ से बाहर हो गए हैं। दरअसल हरक इस टिकट पर नजर लगाए हुए थे मगर कांग्रेस ने यहां से हरक की बजाय केसर सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि इससे हरक नाराज तो नहीं हैं मगर फिर भी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव हरक से मिलने पहुंचे। लेकिन उससे पहले ही वे लैंसडाउन के लिए रवाना हो चुके थे।

बता दें कि हरक चौबट्टाखाल से टिकट मिलने का इंतजार कर रहे थे। टिकट ना मिलने से हराक नाराज नहीं हैं ऐसा नहीं कह सकते मगर हरक और उनके समर्थक खुलकर नाराजगी भी नहीं दिखा रहे हैं। हरक को टिकट ना मिलने पर उनकी नाराजगी को भांपते हुए प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव सीधे डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर मिलने के लिए रवाना हुए। मगर बीच रास्ते में पता चला कि हरक लैंसडाउन के लिए रवाना हो गए हैं। ऐसे में दोनों की फोन पर लंबी बातचीत हुई। Harak Singh Rawat ने टिकट न मिलने पर कहा "चौबट्टाखाल से टिकट ना मिलने पर मैं नाराज़ नहीं हूं। मैंने पहले ही साफ कर दिया था कि इस बार चुनाव नहीं लड़ूंगा। बल्कि कांग्रेस का प्रचार-प्रसार करूंगा। मैं बिना शर्त कांग्रेस में शामिल हुआ हूं। अपने प्रभाव वाली हर सीट पर मैं कांग्रेस का प्रचार प्रसार करूंगा। चौबट्टाखाल से टिकट देने न देने का अधिकार कांग्रेस पार्टी के पास है और टिकट मिलने से मैं नाराज नहीं हूं। "