उत्तराखंड में स्कूल खोलने को लेकर गाइडलाइन जारी हो गई है। 2 मिनट में आप भी ये 15 नियम पढ़ लीजिए
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Guidelines issued for opening of schools in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में स्कूल खोलने को लेकर गाइडलाइन जारी हो गई है। 2 मिनट में आप भी ये 15 नियम पढ़ लीजिए
1- कोविड-19 के new variant “omricon” के संक्रमण के प्रभावों में हो रहे कमी के दृष्टिगत राज्य के अन्तर्गत संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के शिक्षण संस्थानों (शासकीय / अशासकीय सहायता प्राप्त ) / निजी शिक्षण संस्थान) में कक्षा 10, 11 एवं 12 की कक्षाओं की भौतिक रूप से संचालन की अनुमति पूर्व में प्रदान की जा चुकी है यद्यपि कक्षा 01 से 09 तक की कक्षाओं का शिक्षण कार्य online माध्यम से ही सम्पन किया जा रहा है।
2- उक्त के क्रम में छात्र-छात्राओं के शैक्षिक हितों के दृष्टिगत शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त कक्षा 01 से 09 तक के समस्त शिक्षा बोर्डों के शिक्षण संस्थानों को भी भौतिक रूप दिनांक 07 फरवरी 2022 से पठन-पाठन हेतु खोले जाने की अनुमति प्रदान की जाती है।
3- राज्य के समस्त शिक्षा बोर्डो / संस्थाओं के समस्त कक्षाओं के भौतिक रूप से संचालन के दौरान निम्नलिखित दिशा-निर्देशों / मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा:
4- विद्यालयों का संचालन हाईब्रिड मोड (Hybrid Mode) में किया जायेगा अर्थात भौतिक शिक्षण के साथ-साथ ऑनलाईन शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। अध्यापन कार्य के दौरान शिक्षक मोबाईल या अन्य उपकरण (Devices) से कक्षा शिक्षण कार्य को ऑनलाईन लाइव प्रसारित करेंगे, जिससे ऐसे छात्र-छात्रायें जो विद्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहे हों, वे घर पर ही रह कर कक्षा शिक्षण से जुड़ सकें।
5- बोर्डिंग / डे- बोर्डिंग विद्यालय यह भी सुनिश्चित करें कि समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं समस्त छात्र-छात्राओं को विधिवत मास्क पहनने के उपरान्त ही विद्यालय / कक्षा-कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाय। यदि कोई छात्र छात्रायें बिना मास्क के विद्यालय में उपस्थित होते हैं, तो विद्यालय ऐसे छात्र छात्राओं के लिये मास्क की व्यवस्था करें। समस्त शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र-छात्रायें विद्यालय अवधि में तथा आवासीय परिसर / घर से स्कूल आने तथा स्कूल से आवासीय परिसर / घर जाते समय मास्क का उचित ढंग से उपयोग करेंगे। कक्षा कक्ष में बैठक व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिग के तहत सुनिश्चित की जाये।
6- प्रत्येक विद्यालय में कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत सम्बन्धित विद्यालय द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाय, जो सोशल डिस्टेन्सिग एवं कोविड प्रोटोकाल सम्बन्धी दिशा-निर्देशों के अनुपालन हेतु उत्तरदायी होगा। यदि विद्यालय के छात्रों, अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ के मध्य संक्रमण की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ससमय जिला प्रशासन / स्वास्थ्य विभाग को सूचित किये जाने की जिम्मेदारी सम्बन्धित प्रधानाचार्य / प्रबन्धक एवं नोडल अधिकारी की होगी। यदि किसी विद्यार्थी या शिक्षक या अन्य कार्मिक में खॉसी, जुकाम या बुखार के लक्षण प्रतीत होते हैं तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए आवासीय परिसर में आईसोलेशन कक्ष की व्यवस्था की जाय तथा इसकी सूचना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं सम्बन्धित छात्र- छात्रा के अभिभावक को दी जाय।
7- विद्यालय खोले जाने से पूर्व समस्त आवासीय परिसर के आवासीय कक्ष, किचन, डायनिंग हॉल, वाशरूम पेयजल स्थल, वाचनालय, पुस्तकालय तथा विद्यालय परिसर में कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल स्थल आदि ऐसे स्थलों जहाँ पर छात्र-छात्राओं का भौतिक रूप से आवागमन होता हो, का भली भाँति सेनेटाईज कर लिया जाये। विद्यालयों में सेनेटाईजर, हैण्डवाश थर्मलस्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा छात्र छात्राओं को हैण्ड सेनेटाईज / थर्मल स्कैनिंग कराने के पश्चात ही विद्यालय में प्रवेश दिया जाय। विद्यालय के वाशरूम में लिक्विड एन्टीसैप्टिक हैंडवाश की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाय। शिक्षण संस्थाओं में बच्चों के पीने के पानी का स्थल भी भली भाँति स्वच्छ रखते हुये पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाय। ध्यान रहे कि ऐसे स्थलों पर छात्र-छात्रायें एक साथ एकत्रित न हों। इस हेतु आवासीय परिसर तथा विद्यालय परिसर में समय अन्तराल नियोजित किया जाय
8- बोर्डिंग / डे-बोर्डिंग विद्यालय में आवासीय परिसर में निवास करने वाले शिक्षकों / अन्य कार्मिकों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने का प्रमाण पत्र अथवा अधिकतम 48 घण्टे पूर्व की प्राप्त आर०टी०पी०सी०आर० नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही विद्यालय में प्रवेश की अनुमति दी जाय।
9- उपलब्धता के अनुसार ऑनलाईन शिक्षण का समय निर्धारित कर सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के पास ऑनलाईन पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिये ऑफलाइन अधिगम सामग्री घर पर उपलब्ध कराने हेतु विद्यालय स्तर पर विशेष कार्य योजना बनाई जाए जिससे कोई भी छात्र छात्रा शिक्षण अधिगम से वंचित न रह जाय। सभी शिक्षण संस्थान वरीयता के आधार पर ऐसे छात्र छात्राओं को गतिविधि पुस्तिकाएँ / वर्कशीट उपलब्ध करायें जो कि अभिभावकों के माध्यम से या विद्यालय कर्मचारियों के माध्यम से उपलब्ध करायी जा सकती हैं
10- विद्यालय में प्रार्थना सभा बाल सभा, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य सामुहिक गतिविधियों, जिसमें अधिक छात्र छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया जाता है जिनसे कोविड-19 संक्रमण की अधिक सम्भावना होती है, को अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखा गया है। किन्तु अन्य गतिविधियों जिसमें कम से कम छात्र-छात्राओं का प्रतिभाग होता है, को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए संचालित किया जा सकता है।
11- विद्यालयों को भौतिक रूप से खोले जाने का निर्णय बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार तथा सीखने के अवरोधों को दूर करने के दृष्टिगत लिया गया है। चूंकि बोर्डिंग / डे-बोर्डिंग विद्यालयों में बच्चों का ठहराव अधिक समय के लिए होता है इसलिए बच्चों की सुरक्षा से सम्बन्धित यथावश्यक सभी उपाय कर लिए जाय । साथ ही विद्यालय में बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों का आवागमन भी सीमित रखा जाय तथा इस सम्बन्ध में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाय।
12- विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना की वर्तमान व्यवस्था जिसके अन्तर्गत कि बच्चों को खाद्यान / मध्याहन भोजन सामग्री वितरित की जा रही है, को यथावत रखते हुये विद्यालयों में पका- पकाया भोजन अग्रिम आदेशों तक उपलब्ध न कराया जाये। परन्तु भोजन माता नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होंगी तथा छात्र छात्राओं के सैनेटाईजेशन व अन्य कोविड प्रोटोकाल के पालन में संस्था का सहयोग करेंगी।
13- विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं को लंच बाक्स अथवा भोज्य पदार्थ लाने की अनुमति प्रधानाचार्य / विद्यालय प्रबन्धन कोविड गाईडलाईन का अनुपालन कराने के दृष्टिगत अपने स्तर से निर्णय लेंगे।
14- मुख्य शिक्षा अधिकारी जनपद स्तर पर शिक्षण संस्थाओं में कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन करवाते हुये भौतिक कक्षा शिक्षण सुनिश्चित करवाने हेतु व्यक्तिगत से जिम्मेदार होंगे। समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी / उप शिक्षा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेंगे कि विकास खण्ड के समस्त छात्र छात्राओं को ऑफलाईन / ऑनलाईन शिक्षण अधिगम की सुविधा उपलब्ध हो सके, इसके लिये वे प्रतिदिन शिक्षण संस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगे तथा रैंडम आधार पर ऑफलाईन / ऑनलाईन रूप से अध्ययन करने वाले छात्र छात्राओं से बातचीत भी करेंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी / उप शिक्षा अधिकारी प्रति सप्ताह शिक्षण कार्य की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से एस०सी०ई०आर०टी० को उपलब्ध करायेंगे।
15- महानिदेशक, निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा अपने स्तर से अधीनस्थ स्तर पर उक्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करायें तथा समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित करेंगें।