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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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उधमसिंह नगर: उत्तराखंड रुद्रपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया। लोग सवाल कर रहे हैं आखिर एक पिता अपने बेटे की हत्या कैसे कर सकता है। साढे 3 साल के मासूम की हत्या करते वक्त उस पिता का दिल जरा सा भी नहीं पसीजा? हत्या की वजह सुनकर हर कोई हैरान है। आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि वो बच्चे का महंगा इलाज कराने में असमर्थ था। वो बुरी तरह कर्ज में डूब गया था। इसके बाद उसने परेशान होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलभुट्टा थाना क्षेत्र में पिता ने अपने साढ़े तीन साल के बच्चे की हत्या कर दी और उसे बॉर्डर के उस पार यानी उत्तर प्रदेश के बहेड़ी जनपद के डकिया में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। कहते हैं परफेक्ट क्राइम नाम की कोई चीज नहीं होती। पुलिस ने आखिरकार आज बच्चे का शव बरामद किया और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया। आगे पढ़िए
जब पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो आरोपी ने कहा उसका बेटा शाबान बचपन से हिमोफिलिया से ग्रसित था। इलाज कराते कराते पिता अपने ट्रक की किस्त नहीं दे पाया। इसके बाद वो कर्ज में डूब गया। उसने बताया कि 15 फरवरी की सुबह वो अपने बेटे शाबान को लेकर घूमने निकला। इस दौरान ही उसने शाबान का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पिता अपने बेटे के शव को बरेली रोड टोल प्लाजा के पास ले गया और नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। 15 फरवरी को ही आरोपी ने पुलिस के पास बच्चे की गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो अहम सुराग हाथ लगे। बच्चे के पिता तारिक से सख्ती से पूछताछ की गई तो, उसने अपने बेटे की हत्या की बात कबूल ली। तारिक की ही निशानदेही पर पुलिस ने शव को बरामद किया। तारिक ने बताया कि बच्चे के इलाज में काफी खर्च आ गया था। दो दिन पहले वो बच्चे को फिर से डॉक्टर के पास ले गया तो डॉक्टर ने बच्चे को दिल्ली के अस्पताल में दिखाने के लिए कहा। उस इलाज में भी काफी खर्च आने वाला था। आखिर में गरीबी से परेशान होकर उसने अपने बेटे की हत्या कर दी।