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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उधमसिंह नगर: कलेजे के टुकड़े को अपने ही हाथों से मौत देने वाले पिता ने कुछ और भी बातें पुलिस को बताई हैं। ये कहानी है उधम सिंह नगर की जहां तारिक नाम के शख्स ने अपने साढ़े 3 साल के मासूम बेटे को नहर में डुबाकर मार डाला। तारिक ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा शावान जन्म से हीमोफीलिया बीमारी से पीड़ित था। बेटा का इलाज कराते-कराते तारिक पूरी तरह टूट चुका था। तारिक के पास पैतृक संपति के नाम पर एक बीघा कृषि भूमि और उसका अपना एक ट्रक है, लेकिन बेटे के इलाज कराने में उसकी जमीन बिक गई। इसके बाद उसके ट्रक की किस्त भी टूट गई। एक तरफ बेटे के इलाज में पैसा खर्च हो रहा था, तो दूसरी तरफ पिता धीरे धीरे कर्ज में डूबने लगा था। बेटे शावान की बीमारी के चलते तारिक ने अपनी पत्नी आयशा के लाखों रुपये के जेवर भी बेच दिए। इसके बाद भी शावान की बीमारी ठीक नहीं हुई। आगे पढ़िए
तारिक परेशान रहने लगा था। पत्नी उससे परेशानी की वजह पूछती तो तारिक कहता कि वो बहुत ज्यादा कर्ज में डूब रहा है। शावान का इलाज हल्द्वानी में एक डॉक्टर के पास चल रहा था। इस बीच डॉक्टर ने तारिक को दिल्ली जाकर कुछ टेस्ट कराने को कहा। टेस्ट के लिए बहुत पैसों की जरूरत थी और तारिक बुरी तरह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। बस फिर क्या था तारिक ने आखिरकार अपने कलेजे के टुकड़े शावान को ही मारने का प्लान बना दिया। वो शावान को बाइक पर बैठाकर अपने पुश्तैनी गांव ढकिया ले गया। वहां उसने अपने खेत के पास बह रही नहर में शावान की डुबोकर हत्या कर दी। अपने हाथों से अपने बेटे का कत्ल करने के बाद तारिक ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया। कहते हैं कि अपराध और अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, वो कानून के हाथों से बच नहीं सकता। हुआ भी वो ही और अब तारिक पुलिस की गिरफ्त में है।