गढ़वाल: चमोली आपदा के 1 साल बाद मिला किमाणा गांव के रोहित का शव..अभी भी 116 लापता

चमोली आपदा के एक साल बाद Tapovan tunnel में मिला किमाणा गांव के रोहित का शव, पढ़िए पूरी खबर
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Chamoli Tapovan Disaster: Kimana village rohit dead body found in Chamoli Tapovan tunnel
Image: Kimana village rohit dead body found in Chamoli Tapovan tunnel

चमोली: बीते साल फरवरी में उत्तराखंड के चमोली जिले में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे उत्तराखंड को हिला कर रख दिया। रैणी आपदा में कई लोगों के परिवार उजड़ गए। तकरीबन 1 साल होने के बावजूद भी जख्म उतने ही गहरे और हरे हैं। लोग अब भी अपनों और परिवार के सदस्यों को खोने के दुख से जूझ रहे हैं। साल भर के बाद एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट की टनल से एक और शव बरामद हुआ है। सुरंग की सफाई का काम एक साल बाद भी जारी है। सोमवार को यहां सुरंग की सफाई के दौरान एक शव और बरामद हुआ है, जिसकी शिनाख्त रोहित भंडारी पुत्र डबल सिंह निवासी किमाणा चमोली के रूप में हुई है। अब शवों की संख्या 137 हो गई है। बीती 15 फरवरी को भी यहां से एक शव बरामद हुआ था। उत्तराखंड के चमोली में जो आपदा आई उसको सुनकर अब भी रूह कांप जाती है। 1 साल के बाद बीते मंगलवार को जोशीमठ ब्लॉक के तपोवन विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना 520 मेगावाट की निर्माणाधीन टनल के अंदर से एक और शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

शव की पहचान चमोली जिले के ही किमाणा गांव के रोहित भंडारी के रूप में हुई है। 7 फरवरी 2021 ही वह दिन था जिस दिन चमोली के रैणी गांव में भीषण आपदा आई थी जिसमें ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कई कर्मचारियों और मजदूरों के सैलाब की चपेट में आने से मौत हो गई थी। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के द्वारा टनल के अंदर कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था और कई शवों को बरामद किया गया था। मगर जैसे-जैसे टनल के अंदर का मलबा साफ हो रहा है वैसे-वैसे मलबे के अंदर शव भी नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के टनल से एक और शव बरामद हुआ है। शव की पहचान इंजीनियर गौरव निवासी ऋषिकेश के रूप में हुई थी।