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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उत्तराखंड के कई विद्यार्थी यूक्रेन में फंस गए हैं। युद्ध छिड़ने के बाद कई छात्रों की घरवालों से बात तक नहीं हो सकी, जिनकी परिजनों से बात हुई, उन्होंने भी युद्ध के भयावह हालात बयां किए और स्वदेश लौटने की इच्छा जताई।
हरिद्वार के कई युवा भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए हुए हैं। लाडलों की सुरक्षा को लेकर उनके परिजन परेशान हैं और केंद्र सरकार से बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों ने परिजनों को बताया कि यूक्रेन सरकार ने उन्हें बंकर बनाकर दिए हैं और कहा है कि हालात बिगड़ने पर इनमें छिप जाएं। हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र के कई छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें मोहल्ला मलकपुरा निवासी जमीर हसन अंसारी का बेटा अरीब अंसारी भी शामिल है।
हसन अंसारी ने बताया कि उनके बेटे को 26 फरवरी को भारत आना था, लेकिन अब सभी फ्लाइटें बंद हो चुकी हैं। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे शुभम ने भी यही बताया कि यूक्रेन में युद्ध से हालात गंभीर हो गए हैं। मोहल्ला मिर्दगान निवासी फैजान खान ने बताया कि उनका बेटा अदनान भी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। फोन पर बातचीत हुई थी तो उसने खुद को सुरक्षित बताया। परेशान परिजनों ने केंद्र सरकार से बच्चों को सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है। बता दें कि युद्ध के हालात बनने के बाद यूक्रेन में फंसे छात्र एक हफ्ते के भीतर घर लौटने वाले थे। एंबेसी से हरी झंडी भी मिल गई थी, लेकिन तभी रूस की ओर से हमले के बाद स्थिति गंभीर हो गई। उधर, पूर्व सीएम और सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल ने कहा कि भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार यूक्रेन के पड़ोसी मुल्कों से संपर्क साध रही है। उन्होंने सभी उत्तराखंडी छात्रों की सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया है।