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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: यूक्रेन में इस समय हालत बेहद गंभीर हैं। हर तरफ परिस्थितियां गंभीर हैं। रूस यूक्रेन के ऊपर बुरी तरह हावी हो गया है और रूस ने वहां पर हमला बोल दिया है। वहां रह रहे भारतीयों को वापस अपने देश लाने की कोशिशें चल रही हैं। इसी बीच उत्तराखंड के भी कई छात्र वहां पर फंस गए हैं और उनको भी वापस लाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच उत्तराखंड से एक मार्मिक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है जिसको देखकर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी। एक ओर यूक्रेन में हर तरफ अफरा-तफरी मची है, लोग मर रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड की यह तीन बेबस माताएं हैं जिनके बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं और उनके पास वापस आने का कोई भी जरिया नहीं है। वीडियो में 3 हताश और बेबस माताएं अपने जिगर के टुकड़ों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार से गुहार लगाती हुए दिखाई दे रही हैं।
देहरादून के केंद्रीय विद्यालय स्कूल की 3 शिक्षिकाएं रश्मि बिष्ट, अंजू सिंह एवं प्रीति पोखरियाल के तीनों बच्चे यूक्रेन में पढ़ाई के लिए जा रखे हैं और तीनों छात्र वहीं पर फंस गए हैं। जब तीनों बच्चों की फ्लाइट रद्द हो गई तो उम्मीद हारकर तीनों माओं ने एक साथ सरकार को अपने बच्चों को वापस सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है। तीनों शिक्षिकाओं का कहना है कि वे बेहद डरी हुई हैं और उनको अपने बच्चों की चिंता सताई जा रही है। वे बस अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहती हैं। ऐसे में उन्होंने भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार से अपने बच्चों को वापस भारत लाने की अपील की है।
दरअसल देहरादून की केंद्रीय विद्यालय 2 हाथीबड़कला में तैनात शिक्षिका रश्मि बिष्ट, अंजू सिंह एवं प्रीति पोखरियाल ने एक वीडियो के माध्यम से केंद्र सरकार उत्तराखंड सरकार से गुहार लगाई है। तीनों के बच्चे यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। रश्मि बिष्ट का बेटा सूर्यांश यूक्रेन में मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। तो अंजू सिंह की बेटी श्रेया एवं प्रीति पोखरियाल की बेटी आस्था भी उसी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस कर रही हैं। तीनों ही शिक्षिकाओं के बच्चे यूक्रेन में बुरी तरह फंस गए हैं। प्रीति पोखरियाल का कहना है कि जिस तरह के हालात वहां पर बन रहे हैं ऐसे में उनको अपने बच्चों की चिंता सता रही है। उनके बेटे ने काफी जद्दोजहद के बाद 27 फरवरी का टिकट बुक कराया था मगर वह फ्लाइट रद्द हो गई है। तो वहीं उन्होंने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि वह अपने राशन आदि का इंतजाम करके रखें। गुरुवार को सामान लेने गए उनके बेटे ने बताया कि हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। बाजार एटीएम और सभी जगह पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। ऐसे में तीनों शिक्षिकाओं ने एक साझी उम्मीद के साथ सरकार से अपने बच्चों को वापस सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है।