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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: दिल्ली समेत दूसरे राज्यों में शोभायात्राओं के दौरान हुए बवाल ने उत्तराखंड सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया कि जिन लोगों से राज्य की शांति को खतरा होगा, या यहां अस्थिरता आ सकती है। उनका चारधाम यात्रा में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा। इसके लिए प्रदेश में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जाएगा। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने लिखा, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। इसके बिना हमारा कोई भी अस्तित्व नहीं। चारधाम हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। इसलिए हमारी सरकार पूरी कोशिश करेगी कि जिन लोगों के पास उचित सत्यापन नहीं होंगे या जिनके कारण प्रदेश की शांति व्यवस्था में अस्थिरता आ सकती है। चारधाम यात्रा के दौरान ऐसे व्यक्तियों का प्रवेश राज्य में पूरी तरह से वर्जित होगा। मुख्यमंत्री की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इससे पहले मंगलवार को सीएम ने प्रदेश में सत्यापन से छूट गए लोगों की पहचान के लिए अभियान चलाए जाने का एलान किया था। जिसके बाद बुधवार को डीजीपी अशोक कुमार ने गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के साथ ही सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग की।
डीजीपी ने सभी जिलों में सघन सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा। इसके लिए प्रदेश में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि सोशल मीडिया की निगरानी भी की जा रही है। जो लोग सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करते हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। लंबे समय से बिना सत्यापन के राज्य में रह रहे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 दिनों तक सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलेगा। अभियान का फोकस इंडस्ट्रियल क्षेत्र, रेहड़ी-पटरी वाले इलाके, बाजार आदि में अधिक रहेगा। अभियान की जानकारी हर रोज पुलिस मुख्यालय को देनी होगी। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाएगी। डीजीपी ने बताया कि पुलिस समय-समय पर ऐसे सत्यापन अभियान चलाती रहती है। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में यह भी इसी तरह का सत्यापन अभियान है।