गढ़वाल राइफल का वीर सपूत देश की रक्षा करते हुए शहीद, गांव के घरों में नहीं जला चूल्हा

Martyr Baagh singh Garhwal Rifle का हिस्सा थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर थी, जहां से उनकी शहादत की दुखद सूचना आई है।
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
shaheed bag singh karnpragay: Garhwal Rifle Martyr Baagh singh of Kande village Chamoli district
Image: Garhwal Rifle Martyr Baagh singh of Kande village Chamoli district

चमोली: उत्तराखंड के एक और जांबाज लाल ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। चमोली के रहने वाले वीर जवान बाघ सिंह श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर भारत माता की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

Martyr Baagh singh Garhwal Rifle

उनकी शहादत की सूचना से पूरा उत्तराखंड शोक में डूबा है। परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। वो उन पलों को याद कर रहे है, जब उन्होंने बाघ सिंह को आखिरी बार देखा था। जवान बाघ सिंह चमोली जिले के कांडे गांव के रहने वाले थे। वह नवीं गढ़वाल राइफल्स का हिस्सा थे। बताया जा रहा है कि इन दिनों उनकी ड्यूटी श्रीनगर-लेह मार्ग के पास थी। जहां से उनकी शहादत की खबर आई है। यह दुखद खबर आने के बाद उनके परिवार के साथ-साथ कांडे गांव में भी मातम का माहौल है। ज्यादातर घरों में चूल्हा तक नहीं जला। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने भी शहीद जवान बाघ सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों ने कहा कि देश की रक्षा में अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले वीर सपूत बाघ सिंह क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत थे। उन्हें देखकर न जाने कितने नौजवानों ने फौज में शामिल होने की ठानी। जांबाज बाघ सिंह के बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।