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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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कागज पर बिखरे मोती जैसे अक्षर हर किसी का मन मोह लेते थे। अब बच्चे सुलेख पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल-टैबलेट पर बिजी हैं। रही-सही कसर कोविड ने पूरी कर दी। कोविड के बीच दो साल तक छोटी कक्षाओं के स्कूल पूरी तरह से बंद रहे। स्कूल में पहली कक्षा में भर्ती बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर तीसरी कक्षा तक पहुंच गए लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई से अक्षर ज्ञान में कच्चे रह गए। आज अधिकतर बच्चों का अक्षर ज्ञान कम है, लेकिन बागेश्वर के एक सरकारी स्कूल से बच्चों की मेहनत की ऐसी शानदार तस्वीर आई है, जो बेहतरी की उम्मीद जगा रही है। बागेश्वर के राजकीय जूनियर हाईस्कूल करूली में पढ़ने वाले बच्चों की लिखाई इतनी खूबसूरत है कि एक बार के लिए कंप्यूटर भी शरमा जाए। शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी ने बच्चों के लिखे पेज की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जो वाकई खूबसूरत हैं। साथ ही उन्होंने लिखा कि सुंदर हस्त लेख बहुत मनमोहक और जरूरी होता है। आज के कंप्यूटर और मोबाइल के युग में इस विधा के संरक्षण की जरूरत है। कई विद्यालयों में इस तरह का प्रयास हमारे शिक्षक गण कर रहे हैं, जहां सुलेख पर ध्यान नहीं दिया जा रहा वहां भी इस तरह की कोशिश की जानी चाहिए।