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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी को लगातार बड़े झटके लग रहे हैं। चुनाव में आप के मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने आप का साथ छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली।
मंगलवार को उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ नेता मदन कौशिक की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा था कि आखिर गंगोत्री विधानसभा सीट से जमानत जब्त कराने वाले कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.) को बीजेपी का हिस्सा बनाने के सियासी मायने क्या हो सकते हैं, इस सवाल का जवाब भी मिल गया है। कर्नल अजय कोठियाल के बीजेपी ज्वाइन करने का कनेक्शन हिमाचल चुनाव से है। हिमाचल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल में बीजेपी की वापसी के लिए चुनावी रणनीति बना रहा है। कर्नल कोठियाल की बीजेपी में ज्वाइनिंग इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि कर्नल कोठियाल हिमाचल चुनाव में बीजेपी के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इस तरह उन्हें सुनियोजित सियासी रणनीति के तहत पार्टी में शामिल कराया गया है। बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी थी। हार मिलने के बाद कर्नल अजय कोठियाल और उनके समर्थक भी खुद को पार्टी में सहज नहीं पा रहे थे। फौजी अफसर और उनकी टीम को नए ठौर की तलाश थी, ये खबर जैसे ही बीजेपी को मिली, पार्टी नेताओं ने उनके लिए दरवाजे खोल दिए। कर्नल अजय कोठियाल को पार्टी में लाने का पहला मकसद सैन्य बहुल उत्तराखंड में सैनिक और पूर्व सैनिक परिवारों के बीच यह संदेश देना है कि बीजेपी सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को महत्व देती है। साथ ही पार्टी कर्नल अजय कोठियाल को हिमाचल में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है, ताकि चुनावी माहौल को अपने पक्ष में किया जा सके।