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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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नैनीताल: रामनगर वन मंडल के फतेहपुर रेंज में पिछले कुछ महीनों आदमखोर बाघिन की वजह से लोगों के बीच में हड़कंप मच रखा है। इस बाघिन ने अब तक 6 लोगों को अपना शिकार बना डाला है।
इस आदमखोर बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग में पिछले कई महीनों से खूब पापड़ बेले गुजरात से टीम बुलाई गई शिकारी बुलाए गए मगर यह किसी के भी हाथ में नहीं आई उसके बाद वन विभाग ने बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी तो वन विभाग ने यह गौर किया कि पिछले 55 दिनों से बाघिन ने किसी को भी अपना शिकार नहीं बनाया है। अपने आखिरी हमले के बाद लगातार 55 दिनों तक किसी भी इंसान को निशाना नहीं बनाने वाली बाघिन पर लगा 'आदमखोर' का ठप्पा वन विभाग ने हटा दिया है। इस बाघिन ने तीन महीने में छह लोगों की जान ले ली थी। वन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दरअसल रामनगर वन मंडल के फतेहपुर रेंज में 21 दिसंबर से 31 मार्च के बीच बाघिन ने छह ग्रामीणों को अपना शिकार बनाया था, जिसके बाद इसे आदमखोर घोषित कर दिया गया था।
बाघिन ने पनियाली, दमुवा ढुंगा और बजुरिया हल्दू के घने जंगल में छह ग्रामीणों पर हमला किया और उन्हें मार डाला। उत्तराखंड के वन बल के प्रमुख (एचओएफएफ) विनोद कुमार सिंघल ने बताया कि यह बाघिन इंसानी रिहायश वाले क्षेत्र में नहीं गई। उन्होंने कहा कि बाघिन को पकड़ने के प्रयास जारी हैं ताकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जा सके। फिलहाल उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में 50 कैमरे लगाए गए हैं। सिंघल ने कहा कि वन विभाग ने अनावश्यक रूप से ग्रामीणों को आसपास के जंगल में प्रवेश करने से रोकने के लिए वन क्षेत्र की सीमा के पास करीब 20 गांवों के प्रवेश मार्गों पर 120 कर्मियों को तैनात किया है। वन विभाग लगातार ग्रामीणों से अंधेरा होने के बाद जंगलों में ना जाने की, अकेले बाहर न निकलने की और सावधान रहने की अपील कर रहा है।