उत्तराखंड: 6 लोगों को मारने वाली बाघिन अब 'आदमखोर’ नहीं, वन विभाग ने किया ऐलान

रामनगर वन मंडल के फतेहपुर रेंज में छह लोगों को शिकार करने वाली बाघिन को आदमखोर के ठप्पे से निजात मिली गई।
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Fatehpur Range Tigress: Tigress is no longer a man eater in Fatehpur range
Image: Tigress is no longer a man eater in Fatehpur range

नैनीताल: रामनगर वन मंडल के फतेहपुर रेंज में पिछले कुछ महीनों आदमखोर बाघिन की वजह से लोगों के बीच में हड़कंप मच रखा है। इस बाघिन ने अब तक 6 लोगों को अपना शिकार बना डाला है।

Tigress is no longer man eater in Fatehpur range

इस आदमखोर बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग में पिछले कई महीनों से खूब पापड़ बेले गुजरात से टीम बुलाई गई शिकारी बुलाए गए मगर यह किसी के भी हाथ में नहीं आई उसके बाद वन विभाग ने बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी तो वन विभाग ने यह गौर किया कि पिछले 55 दिनों से बाघिन ने किसी को भी अपना शिकार नहीं बनाया है। अपने आखिरी हमले के बाद लगातार 55 दिनों तक किसी भी इंसान को निशाना नहीं बनाने वाली बाघिन पर लगा 'आदमखोर' का ठप्पा वन विभाग ने हटा दिया है। इस बाघिन ने तीन महीने में छह लोगों की जान ले ली थी। वन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दरअसल रामनगर वन मंडल के फतेहपुर रेंज में 21 दिसंबर से 31 मार्च के बीच बाघिन ने छह ग्रामीणों को अपना शिकार बनाया था, जिसके बाद इसे आदमखोर घोषित कर दिया गया था।

बाघिन ने पनियाली, दमुवा ढुंगा और बजुरिया हल्दू के घने जंगल में छह ग्रामीणों पर हमला किया और उन्हें मार डाला। उत्तराखंड के वन बल के प्रमुख (एचओएफएफ) विनोद कुमार सिंघल ने बताया कि यह बाघिन इंसानी रिहायश वाले क्षेत्र में नहीं गई। उन्होंने कहा कि बाघिन को पकड़ने के प्रयास जारी हैं ताकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जा सके। फिलहाल उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में 50 कैमरे लगाए गए हैं। सिंघल ने कहा कि वन विभाग ने अनावश्यक रूप से ग्रामीणों को आसपास के जंगल में प्रवेश करने से रोकने के लिए वन क्षेत्र की सीमा के पास करीब 20 गांवों के प्रवेश मार्गों पर 120 कर्मियों को तैनात किया है। वन विभाग लगातार ग्रामीणों से अंधेरा होने के बाद जंगलों में ना जाने की, अकेले बाहर न निकलने की और सावधान रहने की अपील कर रहा है।