उत्तराखंड के 6 जिलों में 31 जगहों पर बनेंगे नए हेलीपैड, जानिए इस प्रोजक्ट की खास बातें

देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले में 31 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। इससे पर्यटकों का सफर आसान होगा, आपदा के वक्त मदद भी मिलेगी।
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Uttarakhand 31 New Helipad: Helipads will be built at 31 places in 6 districts of Uttarakhand
Image: Helipads will be built at 31 places in 6 districts of Uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश सरकार हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटी है।

Helipads to built at 31 places in 6 districts of Uttarakhand

उत्तराखंड से देश के कई बड़े शहरों के लिए नियमित हवाई उड़ानें संचालित हो रही हैं। उड़ान योजना के तहत देहरादून से चिन्यालीसौड़, गौचर, टिहरी, श्रीनगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए हेली सेवाओं का संचालन हो रहा है। अब हेली सेवाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से सरकार 31 नए स्थानों पर हेलीपैड बनाने जा रही है, ताकि यहां भी हेली सेवाएं संचालित हो सकें। ये हेलीपैड देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले में बनाए जाएंगे। उत्तराखंड की छवि पर्यटन प्रदेश की है। यहां की खूबसूरत वादियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन कई बार यहां के पर्वतीय इलाकों तक पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। आगे पढ़िए

हेली सेवा शुरू होगी तो पर्यटक आसानी से इन जगहों की यात्रा कर सकेंगे। सरकार निजी हेली कंपनियों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा जगहों पर हेली सेवाएं शुरू कराने का प्रयास कर रही है। इससे पर्यटन के अलावा आपदा के दौरान राहत-बचाव कार्य में भी मदद मिलेगी। सरकार को राजस्व मिलेगा। फिलहाल प्रदेश में 51 जगहों पर हेलीपैड बने हुए हैं। देहरादून, केदारनाथ और चमोली जिले के विभिन्न स्थानों से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवाएं संचालित हो रही हैं। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर के मुताबिक प्रदेश में हेली सेवाओं को विस्तार देने की तैयारी है। 31 नई जगहों पर हैलीपैड बनाए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने के लिए कहा गया है। हेलीपैड बनाने का खर्च प्रदेश सरकार उठाएगी। जल्द से जल्द जमीनों का अधिग्रहण कर यहां हेलीपैड तैयार कर हेली सेवाओं का संचालन शुरू कराया जाएगा।