Almora Pantnagar heli service: Pawan Hans ने अल्मोड़ा से पंतनगर के बीच हेली सेवा शुरू की है। अब 115 किमी का सफर महज 30 मिनट में पूरा होगा। जानें किराया, टाइमिंग और पूरी जानकारी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Helicopter Service Launched Between Almora and Pantnagar
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। Almora से Pantnagar के बीच अब हेली सेवा शुरू हो गई है। हवाई सेवा प्रदाता Pawan Hans ने बुधवार से इस सेवा का संचालन शुरू किया है, जिससे लोगों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
Almora to Pantnagar New Helicopter Service
अब तक अल्मोड़ा से पंतनगर की करीब 115 किलोमीटर की दूरी तय करने में 4 से 5 घंटे का समय लगता था। पहाड़ी रास्तों और ट्रैफिक जाम के कारण कई बार यह समय और भी बढ़ जाता था। लेकिन नई हेली सेवा शुरू होने के बाद यह सफर अब महज 30 मिनट में पूरा हो सकेगा, जिससे यात्रियों का समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। यह हेली सेवा अल्मोड़ा के टाटिक हेलीपैड से संचालित की जा रही है। हेलीकॉप्टर पहले देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से उड़ान भरकर अल्मोड़ा पहुंचेगा और फिर वहां से पंतनगर के लिए रवाना होगा। यह रूट यात्रियों के लिए तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
क्या रहेगा फ्लाइट शेड्यूल
हेलीकॉप्टर सुबह 8:30 बजे सहस्त्रधारा (देहरादून) से उड़ान भरेगा और 9:25 बजे अल्मोड़ा पहुंचेगा। इसके बाद 9:30 बजे अल्मोड़ा से उड़ान भरकर यह 10:00 बजे पंतनगर पहुंच जाएगा। इस निर्धारित समय-सारणी से यात्रियों को अपनी यात्रा प्लान करने में आसानी होगी।
किराया और हेलीकॉप्टर की जानकारी
इस हेली सेवा का किराया ₹3800 प्रति यात्री तय किया गया है, जो इसे आम लोगों के लिए भी सुलभ बनाता है। इस रूट पर 11 सीटों वाला डौफिन एन हेलीकॉप्टर संचालित किया जाएगा, जो सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव देगा। आगे पढ़िए...
उड़ान योजना के तहत शुरू हुई सेवा
यह हेली सेवा भारत सरकार की UDAN Scheme के तहत शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इससे पहले इसी योजना के तहत देहरादून-अल्मोड़ा रूट पर सेवा संचालित की जा रही थी, जिसे अब आगे बढ़ाया गया है।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नई सेवा से न सिर्फ यात्रा समय कम होगा, बल्कि लोगों को जाम और कठिन पहाड़ी रास्तों से भी राहत मिलेगी। साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह सेवा उत्तराखंड के विकास में एक अहम कदम साबित हो सकती है।