Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
ऋषिकेश में धीरे-धीरे यात्रियों का बैकलॉग खत्म हो रहा है। जिसके बाद ऋषिकेश में पांच हजार और हरिद्वार के लिए दो हजार पंजीकरण स्लॉट जारी किए गए हैं। इससे चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बता दें की चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से दो दिन पहले टोकन व्यवस्था जारी की गई थी। टोकन मिलने के बाद ही श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था का मकसद चारधाम यात्रा को सुचारू बनाए रखना है। ऋषिकेश में धीरे-धीरे यात्रियों का बैकलॉग समाप्त होता जा रहा है। जिसके बाद श्रद्धालुओं को धर्मशाला में ही टोकन वितरित कर दिए गए। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, वेडिंग प्वाइंट और धर्मशाला में ठहरे यात्रियों को उसी स्थान पर टोकन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
टोकन प्राप्त करने वाले को पंजीकरण लाइन में खड़ा किया जा रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्दालुओं के लिए हरिद्वार प्रशासन ने चमगादड़ टापू पर शेड की व्यवस्था की है। हरिद्वार में 2000 श्रद्धालुओं के पंजीकरण किए जाने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने यहां पीने के पानी की व्यवस्था करने के साथ अस्थायी शौचालय भी बनाए हैं। ऋषिकेश की तहसीलदार अमृता शर्मा ने बताया कि शनिवार की सुबह 1000 टोकन जारी किए गए। इससे पहले शुक्रवार को 1500 टोकन जारी किए गए थे। शनिवार को एसडीआरएफ को 7000 पंजीकरण का कोटा जारी किया गया है। पंजीकरण लाइन में खड़े होने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की ओर से पेयजल की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण केंद्र में एसडीआरएफ की ओर से टोकन के आधार पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। ऋषिकेश केंद्र पर ऑफलाइन पंजीकरण के लिए पांच हजार और हरिद्वार के लिए दो हजार पंजीकरण स्लॉट जारी किए गए हैं।