केदारनाथ धाम से वायरल हो रहे रील वीडियो पर विवाद बढ़ गया है। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में सोशल मीडिया रीलबाजी और अशोभनीय गतिविधियों पर नाराजगी जताई है। BKTC ने मामले में कार्रवाई की बात कही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kedarnath Reel Controversy Sparks Outrage Among Devotees
रुद्रप्रयाग: Kedarnath Temple, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, इन दिनों सोशल मीडिया रील और वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गया है। धाम से सामने आए कुछ वायरल वीडियो और तस्वीरों ने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर दिया है।
Kedarnath Reel Controversy Sparks Outrage Among Devotees
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन वीडियो में कुछ युवक मंदिर परिसर के आसपास फिल्मी अंदाज में रील बनाते, साथियों के कंधों पर चढ़कर वीडियो शूट करते और लाइक्स-फॉलोअर्स की दौड़ में शामिल दिखाई दे रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा केदार का धाम कोई पर्यटन मनोरंजन स्थल या सोशल मीडिया स्टूडियो नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां धाम की गरिमा, सनातन परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं। कई श्रद्धालुओं ने सवाल उठाया है कि जब यात्रा शुरू होने से पहले Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) की ओर से रील, डांस वीडियो और अशोभनीय गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई थी, तो फिर मंदिर परिसर में खुलेआम ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर सवाल
वायरल वीडियो के बाद अब मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि धाम में हर समय पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियों और सीसीटीवी निगरानी की बात की जाती है, लेकिन वायरल वीडियो यह दिखाने के लिए काफी हैं कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में धार्मिक स्थलों की पवित्रता और अनुशासन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। आगे पढ़िए..
सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Vineet Posti ने कहा कि इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं और समिति लगातार दर्शन व्यवस्था को सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि भीड़ के बीच कुछ लोग कंधों पर चढ़कर रील बना रहे हैं, जो बिल्कुल उचित नहीं है। ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और धार्मिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
Kedarnath Temple: Faith vs Social Media Culture
विशेषज्ञों और श्रद्धालुओं का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने धार्मिक स्थलों के वातावरण को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जहां पहले लोग आध्यात्मिक शांति, पूजा और दर्शन के लिए धाम पहुंचते थे, वहीं अब कई लोग वायरल वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के उद्देश्य से भी धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे हैं। इस बदलते ट्रेंड को लेकर समाज में बहस तेज हो गई है कि क्या धार्मिक स्थलों पर मोबाइल शूटिंग और रीलबाजी के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी बहस तेज
Kedarnath Temple हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र भी है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन मौसम और पहाड़ी यात्रा के बावजूद बाबा केदार के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। हिमालय की गोद में स्थित यह धाम आस्था, तपस्या और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल media पर भी बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने धार्मिक स्थलों पर रील और वीडियो शूटिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि मंदिर परिसरों में मोबाइल उपयोग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्त जुर्माना लागू किया जाना चाहिए।