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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की दर्दनाक मृत्यु हो गई है। बता दें कि मृतक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी और वह ससुराल से अपने मायके जा रही थी। मृतका की पहचान वंदना के रूप में हुई है। वंदना शादी से पहले अपने मायके बहादुरपुर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित कर रही थी। बीते रविवार को वंदना अपने पति नितिन के साथ में स्कूटी से ससुराल से अपने मायके बहादुरपुर जा रही थी कि तभी सुल्तानपुर के निकट ही स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई और वंदना का सिर सीधा सड़क पर जा लगा जिस पर वह गंभीर रूप से घायल हो गई। नन-फानन में उसको उपचार के लिए सुल्तानपुर में चिकित्सक के पास ले जाया गया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मृतका के परिजनों के बीच में कोहराम मचा हुआ है और उनका रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं घटना की सूचना किसी को पुलिस ने दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेने के बाद पंचनामा की कार्यवाही शुरू कर दी। जब परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना किया तो पुलिस ने स्वजनों को समझाया लेकिन वे पोस्टमार्टम ना कराने की जिद पर अड़ गए। उसके बाद कुछ लोगों ने जिलाधिकारी से बिना पोस्टमार्टम के शव को स्वजनों के सुपुर्द करने की मांग की और जिलाधिकारी ने मृतका के शव को बिना पोस्टमार्टम के स्वजनों के सुपुर्द करने की अनुमति दे दी है।