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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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अब बोर्ड की दसवीं और 12वीं परीक्षा का मूल्यांकन सीबीएसई पैटर्न पर किया जाएगा। इस व्यवस्था से उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षार्थी ज्यादा अंक ला सकेंगे। ऐसा कैसे होगा, ये भी जान लें। नई व्यवस्था के अनुसार दसवीं में भाषा विषय में 100 अंक की लिखित परीक्षा के स्थान पर 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। लिखित परीक्षा के अंक 80 रहेंगे। 12वीं में कला विषयों में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। खास बात ये है कि आंतरिक मूल्यांकन और लिखित परीक्षा दोनों के प्राप्तांक मिलाकर 33 प्रतिशत होने पर छात्र को उत्तीर्ण माना जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड में इससे पहले भाषा विषय में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था नहीं थी। आगे पढ़िए
12वीं की परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था कला वर्ग के विषयों इतिहास, राजनीति विज्ञान आदि पर भी लागू रहेगी। आपको बता दें कि उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध सभी सरकारी, सहायता प्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम बहुत पहले ही लागू किया जा चुका है। बोर्ड एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करा रहा है। इसके बावजूद बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन का तरीका सीबीएसई के अनुसार लागू नहीं किया गया था। इसे पुराने उत्तर प्रदेश बोर्ड के आधार पर ही क्रियान्वित किया जा रहा था। अब धामी मंत्रिमंडल ने सीबीएसई पैटर्न पर बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन कराने को स्वीकृति दे दी है। इससे दसवीं और 12वीं के छात्रों को आंतरिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करके ज्यादा अंक हासिल करने का मौका मिलेगा।