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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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उत्तराखंड में आम आदमी की नींव कमजोर पड़ती जा रही है और इसी के साथ पार्टी का भविष्य भी उत्तराखंड में अंधकार में जा चुका है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के ऊपर तब गाज गिरी थी जब सीएम उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल ने आप की सदस्यता त्यागी थी। अब (आप) को एक बार एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। राज्य के 'आप' प्रमुख दीपक बाली ने सोमवार रात अचानक अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।मिली गई जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के पिछले महीने कर्नल अजय कोठियाल द्वारा इस्तीफा देने के बाद दीपक बाली को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। और महज एक महीने से भी कम समय के अंदर बाली ने भी इस तरह से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है।
उत्तराखंड में चार महीने पहले ही आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में कर्नल कोठियाल को वह गंगोत्री विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था। लेकिन वे भाजपा के सुरेश सिंह चौहान से चुनाव हार गए। आम आदमी पार्टी का उत्तराखंड में खाता तक नहीं खुला था। इसके बाद पार्टी के सीएम फेस कर्नल कोठियाल ने पार्टी से इस्तीफा दिया और पार्टी को बड़ा झटका लगा जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने प्रदेश यूनिट को भंग कर दिया और काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले दीपक बाली को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था। मगर अब 1 महीने से भी कम समय में दीपक बाली ने भी इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड में सरकार बनाने के लिए जो दावे किए थे वे पूरी तरह से गलत साबित हुए। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा उत्तराखंड में अपने पहले चुनावों में एक भी खाता नहीं खोलने वाली आम आदमी पार्टी इन झटकों से सबक लेकर आगामी चुनावों में नई रणनीति अपना कर जनता का दिल जीत पाती है या नहीं।