उत्तराखंड में हरियाणा के पूर्व CM की भाभी से लाखों की ठगी, फर्जी अकाउंट से किया गया फ्रॉड

बड़ी खबर, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा की भाभी से उत्तराखंड में हुई लाखों की ठगी, पैन कार्ड के इस्तेमाल से हुई ठगी
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uttarakhand bhupinder singh hooda : Fraud with sister-in-law of former CM Bhupinder Singh Hooda in Uttarakhand
Image: Fraud with sister-in-law of former CM Bhupinder Singh Hooda in Uttarakhand

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।

Fraud with sister-in-law of Bhupinder Singh Hooda in Uttarakhand

यहां पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा की भाभी के पैन कार्ड का इस्तेमाल कर साढ़े 9 लाख की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जी हां, ठगों ने बड़ी ही चतुराई से उनके पैन कार्ड से एक फर्जी ऑनलाइन अकाउंट खोला और पश्चिम बंगाल के युवक से साढ़े 9 लाख रुपए की ठगी कर ली। अदालत के आदेश पर यह रकम हुड्डा की भाभी के खाते से पश्चिम बंगाल निवासी पीड़ित को ट्रांसफर कर दी गई है। इस पूरे मामले में पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा की भाभी ने पुलिस को तहरीर दी है। हरियाणा के पूर्व सीएम का पैतृक आवास और फार्म उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में बद्रीपुर गांव में स्थित है और यहां पर उनके बड़े भाई इंदर सिंह का परिवार रहता है। परिवार के सदस्यों के खाते बाजपुर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। बीते दिनों इंद्र की पत्नी राजवती ने फार्म के एक कर्मचारी को अपनी पासबुक अपडेट करवाने के लिए भेजा उनको पता लगा कि 17 मई को उनके खाते से किसी ने साढ़े 9 लाख रुपए किसी और के खाते में ट्रांसफर किए हैं। इसके बाद उनके होश उड़ गए और वे बैंक पहुंचीं। बैंक प्रबंधन ने राजवती को बताया कि यह रकम पश्चिम बंगाल की एक अदालत के आदेश पर आशीष पॉल नाम के व्यक्ति को खाते में भेजी गई है। बैंक प्रबंधन ने राजवती को यह भी बताया कि आशीष के साथ में साढ़े 9 लाख की साइबर ठगी की गई है और बैंक ने राजवती के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बना कर युवक के साथ में साइबर ठगी करने के मामले से अवगत कराया।

राजवती ने पुलिस को तहरीर में बताया कि वे ना तो आशीष पॉल को जानती हैं और ना ही उन्होंने कभी किसी ऑनलाइन पेमेंट वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया है। उनका कहना है कि ठगों ने गलत तरीके से उनके दस्तावेज हासिल करने के बाद फर्जी अकाउंट खोल कर यह ठगी की है। बाद में राजवती ने कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंप कर कार्यवाही की मांग की है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राजवती का कहना है कि उन्हें ना तो बंगाल की अदालत से कोई नोटिस जारी किया गया और न ही आदेश मिला। यही नहीं उनके मोबाइल पर रकम ट्रांसफर किए जाने का कोई मैसेज तक प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने पुलिस से मामले की गहराई से जांच पड़ताल की अपील की है। वहीं बाजपुर के कोतवाल प्रवीण सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्य सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।