उत्तराखंड: 28 जून से एक्टिवेट होगा मॉनसून, 8 जिलों में होगी भारी बारिश..कुमाऊं वाले अलर्ट रहें

शनिवार को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, हालांकि रविवार से मौसम फिर करवट बदलेगा। 28 या 29 जून को प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Uttarakhand Weather News 25 june: Uttarakhand Weather Report 28 June
Image: Uttarakhand Weather Report 28 June

रुद्रप्रयाग: पिछले दिनों प्रदेश में मौसम खुशगवार रहा। बारिश ने गर्मी से बेहाल लोगों को बड़ी राहत दी, लेकिन मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं।

Uttarakhand Weather Report 28 June

तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को ज्यादातर स्थानों पर चटख धूप खिली। देहरादून समेत अन्य मैदानी स्थानों पर तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। दोपहर में मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और उमस ने बेहाल किया। आज भी मौसम के मिजाज में किसी प्रकार के बदलाव की उम्मीद नहीं है। आज तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि रविवार को बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार ताजा पश्चिमी विक्षोभ के उत्तराखंड में सक्रिय होने के चलते रविवार से बारिश हो सकती है। 28 या 29 जून को प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है। इस तरह रविवार से मौसम के करवट बदलने के आसार हैं। आगे पढ़िए

इस दौरान गढ़वाल-कुमाऊं में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर समेत कुमाऊं में भारी वर्षा और गढ़वाल में गरज के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। साथ ही मैदानी स्थानों में 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। बीते दिनों बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली तो बिजली की मांग में भी गिरावट आई थी, लेकिन अब गर्मी फिर बेहाल करने लगी है। ऐसे में बिजली की डिमांड बढ़ गई है। मांग के मुकाबले उपलब्धता कम है, ऐसे में प्रदेशवासियों को एक बार फिर बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ सकती है। बता दें कि पहले मौसम विज्ञानियों ने 20 जून तक प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई थी, लेकिन सारी संभावनाएं गलत साबित हुईं। राजधानी दून समेत मैदानी इलाके फिर से तपने लगे हैं, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।