यात्री वाहन का शीशा तोड़कर अंदर घुसे पत्थर की चपेट में आने से एक यात्री की जान चली गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Stones fell on a moving bus in Rudraprayag Kedarnath Road
रुद्रप्रयाग: मौसम बिगड़ने के साथ ही पहाड़ में सफर मुश्किल हो गया है। जगह-जगह पहाड़ टूट रहे हैं, बोल्डर गिरने की वजह से हादसे हो रहे हैं।
Stones fell on a bus in Rudraprayag Kedarnath Road
बीते दिन रुद्रप्रयाग में एक ऐसे ही हादसे में एक तीर्थयात्री की मौत हो गई। यहां यात्री वाहन का शीशा तोड़कर अंदर घुसे पत्थर की चपेट में आने से एक यात्री की जान चली गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। एंबुलेंस से घायल को सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती किया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। हादसा ऊखीमठ में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर काकड़ागाड़ के पास हुआ। रविवार को तीर्थयात्रियों से भरा वाहन बाबा केदार के दर्शनों के लिए केदारनाथ जा रहा था। वाहन में 20 यात्री सवार थे। यात्रा के दौरान पहाड़ से पत्थर गिर रहे थे। इसी दौरान एक पत्थर वाहन के आगे के शीशे को तोड़कर सीधे अंदर जा घुसा।
जिससे आगे की सीट पर बैठे दो यात्री आकाश मलिक (26) पुत्र महेश मलिक, निवासी झांसी उत्तर प्रदेश और अमर सिंह (28) पुत्र केवल सिंह, निवासी धामपुर, जिला बिजनौर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले गई, लेकिन अमर सिंह ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल आकाश को प्राथमिक उपचार के बाद पहले जिला चिकित्सालय व वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। एक्सीडेंट के वक्त चालक अनिल प्रसाद ने आगे के शीशे से पत्थर के अंदर घुसने पर भी सूझबूझ से वाहन को नीचे की तरफ नाली में धकेल दिया था, जिससे वाहन में सवार अन्य यात्री सुरक्षित बच गए। बहरहाल पुलिस ने मृतक यात्री के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों मौसम खराब बना हुआ है, ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।