देहरादून में लोगों को जागरूक करने के लिए निगम और जिला प्रशासन की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन असली चुनौती हरिद्वार जैसे शहरों में प्लास्टिक बैन करवाना है।
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कोमल नेगी
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Image: Single use plastic ban in Uttarakhand from today
हरिद्वार: प्लास्टिक से पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंच रहा है, ये हम सब जानते हैं।
Single use plastic ban in Uttarakhand
इस नुकसान की भरपाई करने की मुहिम के तहत आज यानि शुक्रवार से देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल और ब्रिकी पर पूरी तरह बैन लग गया है। देहरादून में लोगों को जागरूक करने के लिए निगम और जिला प्रशासन की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन असली चुनौती हरिद्वार जैसे शहरों में प्लास्टिक बैन करवाना है। यहां बाजारों से लेकर गंगा घाटों पर प्लास्टिक केन और बिछाने की पन्नी बेचने की अनगिनत दुकानें सजी हैं। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने गंगा घाट और बाजारों में अभियान चलाया। देहरादून में शुक्रवार से प्लास्टिक बैन को लेकर अभियान शुरू हो गया है। शुरुआत में प्रचार प्रसार के साथ चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा। मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि व्यापारी भी निगम के काम में सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी-अपनी दुकानों पर स्टीकर लगाने की बात कही है। अब हरिद्वार जिले की बात करते हैं। यहां गुरुवार को नगर निगम की टीम ने गंगा घाट और बाजारों में अभियान चलाया।
इस दौरान 500 किलो प्लास्टिक की केन पकड़ी और जुर्माना भी लगाया गया, लेकिन टीम के लौटते ही दुकानें फिर सज गईं। दरअसल स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु कपड़े एवं सामान रखने के लिए जमीन पर बिछाने के लिए प्लास्टिक की पन्नी खरीदते हैं। पन्नी बेचने वाले भी घाटों पर घूमते रहते हैं। गंगाजल भरने के लिए प्लास्टिक की केन भी खूब बेची और खरीदी जाती है। अब उस सामान की लिस्ट भी चेक कर लें, जिनके इस्तेमाल और बिक्री पर 1 जुलाई से रोक लग गई है। इनमें प्लास्टिक कैरी बैग, प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टीक, प्लास्टिक के झंडे, थर्माकोल (पॉलिस्ट्रीन), प्लास्टिक की प्लेट, प्लास्टिक के कप, प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक के कांट, प्लास्टिक के चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, प्लास्टिक ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाले फिल्म, इन्विटेशन कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिरर (चीनी आदि मिलाने वाली चीज) । सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने पर अधिकतम पांच हजार रुपये तक का चालान हो सकता है। एक जुलाई से निकायों को चालान और जब्ती का अभियान चलाने को कहा गया है।