उत्तराखंड के 5 जिलों में अगले 4 दिन जमकर बरसेंगे बादल, जारी हुआ अलर्ट..सावधान रहें

7 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। पढ़िए Uttarakhand weather news 4 july
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
uttarakhand weather news 4 july: Uttarakhand weather news 4 july
Image: Uttarakhand weather news 4 july

रुद्रप्रयाग: पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश की वजह से कई जगह भूस्खलन हुआ है।

Uttarakhand weather news 4 july

राज्य की 136 सड़कों पर यातायात बंद है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। दूरस्थ इलाकों में जरूरी सामान की किल्लत हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं। बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें कार्य कर रही हैं। भारी बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम के लिहाज से अगले चार दिन मुश्किलभरे रहेंगे। 7 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिले में भारी बारिश हो सकती है, इन तीनों जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह 5, 6 और 7 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत जिले में भारी बारिश की संभावना बनी है।

7 जुलाई को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही झमाझम बारिश का भी दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे में दून, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल समेत सभी जिलों में कहीं भारी बारिश तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। उधर, गांवों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाली 136 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।