किसी भी राज्य से कांवड़ मेले में आने वाले यात्रियों को स्थानीय थाने से नाम दर्ज या सत्यापन कराकर आना होगा।
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कोमल नेगी
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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: New route plan to come Uttarakhand from Delhi UP Haryana
हरिद्वार: 14 जुलाई से श्रावण मास प्रारंभ होने के साथ ही कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। इस बार हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान 4 से 5 करोड़ कांवड़ियों की आने की संभावना है।
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ऐसे में कांवड़ मेले के सफल संचालन को लेकर उत्तराखंड और अन्य राज्यों से भारी पुलिस बल तैनात करने की तैयारी है। कांवड़ यात्रा को लेकर रूट प्लान भी तैयार किया गया है। चलिए आपको हरिद्वार और कांवड़ रूट के ट्रैफिक प्लान की पूरी जानकारी देते हैं। पहले डायवर्जन प्लान के बारे में जानते हैं।
Delhi Dehradun rishikesh haridwar Route Plan
इसके अनुसार दिल्ली से देहरादून-ऋषिकेश जाने वाले सभी छोटे बड़े वाहनों को देवबंद से गागलहेडी होते हुए छुटमलपुर, बिहारीगढ़ से देहरादून और ऋषिकेश को डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहन मुजफ्फरनगर, मंगलौर, नगला इमरती, सर्विस लेन से डायवर्ट कर शनि चौक, मातृसदन, दक्षद्वीप पार्किंग से दाहिने होते हुए शमशान घाट पुल से बैरागी कैंप पार्किंग के लिए डायवर्ट किए जाएंगे। अगर मंगलौर या नगला इमरती में यातायात का दबाव होता है तो यातायात को पुरकारजी से डायवर्जन कर खानपुर चैक पोस्ट होते हुए लक्सर, सुल्तानपुर, फेरूपुर, जगजीतपुर, एसएम तिराहा से डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, पंजाब की ओर से अगर कोई वाहन नजीबाबाद, मुरादाबाद की ओर जाना चाहता है तो उन्हें लक्सर तिराहे से रायसी से बालावाली होते हुए बिजनौर मार्ग से भेजा जाएगा।
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हरियाणा,राजस्थान,दिल्ली, उप्र से केदारनाथ-बदरीनाथ को जाने वाले वाहन मेरठ, मीरापुर, बिजनौर, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर होते हुए दोनों धाम जाएंगे। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उप्र से गंगोत्री-यमुनात्री को जाने वाले वाहन मेरठ, मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहा), देवबंद, गागलहेडी, देहरादून, विकासनगर, यमुना ब्रिज, डामटा होते हुए गंगोत्री-यमुनोत्री को जाएंगे। देहरादून से दिल्ली, मेरठ, मु.नगर की ओर जाने वाले वाहन डाटकाली मंदिर टनल से बिहारीगढ़, छुटमलपुर होते हुए दिल्ली की ओर जाएंगे। आगे पढ़िए
वाहनों को अलकनंदा पार्किंग, दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग, गौरीशंकर पार्किंग, नीलधारा पार्किंग, पंतद्वीप पार्किंग, चमगादड़ टापू मैदान व सर्वानंदघाट पार्किंग में पार्क किया जाएगा। पैदल कांवड़ यात्री हरकी पैड़ी से गंगाजल लेने के बाद रोडीबेलवाला रैंप से केशव आश्रम तिराहा से ओमपुल के सामने शंकराचार्य चौक से ज्वालापुर लालपुल पार कर जटवाड़ा पुल से नहर पटरी होते हुए अपने गंतव्य स्थान को प्रस्थान करेंगे। नजीबाबाद-मुरादाबाद की ओर जाने वाले पैदल कांवड़ यात्री हरकी पैड़ी से सर्विस रोड होते हुए चंडी चौक, रसियाबढ होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। देहरादून-ऋषिकेश की ओर जाने वाले पैदल कांवड़ यात्री हरकी पैड़ी से भीमगौडा बैरियर, दूधाधारी तिराहे से राष्ट्रीय राजमार्ग 34 होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। भारी वाहन चिड़ियापुर, कांगड़ी पार्किंग, नारसन बार्डर, देवबंद तिराहा, बिजौली देहरादून बाईपास, सर्विस रोड व ख्याति ढाबा (बहरादराबाद) के पास खड़े किए जाएंगे। किसी भी राज्य से कांवड़ मेले में आने वाले यात्रियों को स्थानीय थाने से नाम दर्ज या सत्यापन कराकर आना होगा। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पीएसी और आईआरबी की 20 कंपनियां, 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 500 सब इंस्पेक्टर और 100 इंस्पेक्टर समेत पुलिस तंत्र की अलग-अलग इकाइयों को तैनात किया जा रहा है।