उत्तराखंड कांवड़ यात्रा में अपनी ID लेकर आएंगे कांवड़िए, 7 फीट से ऊंची कांवड़ बैन..पढ़िए गाइडलाइन

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान सात फीट से ऊंची कांवड़ पर रहेगी रोक, जानिए यात्रा को लेकर गाइडलाइंस..uttarakhand kanwar yatra guideline 2022
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
uttarakhand kanwar yatra guideline 2022: Uttarakhand Haridwar Kanwar Yatra 2022 Guideline
Image: Uttarakhand Haridwar Kanwar Yatra 2022 Guideline

हरिद्वार: सावन का महीना शुरु हो चुका है और हर साल सावन के महीने में महाशिवरात्रि के अवसर पर करोड़ों कावड़ यात्री उत्तराखंड गंगाजल लेने आते हैं।

Uttarakhand Haridwar Kanwar Yatra 2022 Guideline

इसी सप्ताह 14 जुलाई से शुरू होने जा रहे कांवड़ मेले (Kanwar yatra) को लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की डामकोठी में बुधवार को बैठक हुई। इसमें कांवड़ मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव दिए। इसमें यह तय किया गया कि दूसरे जिलों से हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों की सूची बनाई जाएगी और सीमावर्ती जिलों में साझा की जाएगी। इसके अलावा सात फीट से ऊंची कांवड़ पर रोक रहेगी और कांवड़िये अपनी आईडी साथ लेकर आएंगे। बीते बुधवार को गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार की अध्यक्षता में सीमावर्ती जनपद सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। आगे पढ़िए

गढ़वाल आयुक्त ने सीमावर्ती जनपदों के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि हरिद्वार की ओर जाने वाले कांवड़ियों की सूची सभी जिले जरूर तैयार करें और सूची को सभी सीमावर्ती जिलों के साथ साझा करें। सुरक्षा और भीड़ पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि कांवड़ की ऊंचाई अधिक से अधिक सात फीट तक होनी चाहिए ताकि यात्रा में परेशानी न खड़ी हो। इससे ऊंची कांवड़ पर रोक रहेगी। इसके अलावा दुकानों में कोई भी ऐसी चीज की बिक्री नहीं होनी चाहिए, जिसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पांडेय ने बताया कि 14 जुलाई से 27 जुलाई तक कांवड़ मेला चलेगा। उन्होंने कहा कि इस साल कांवड़ियों की संख्या चार करोड़ हो सकती है।