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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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अब साइबर ठगों की हिम्मत यहां तक पहुंच गई है कि वे बैंक कर्मी बन बैंक खाते की केवाईसी करने के नाम पर लोगों को लाखों की चपत लगा रहे हैं। उन्होंने बड़ी ही चतुराई के साथ इंटरनेट पर विभिन्न कंपनियों और बैंकों की हेल्पलाइन के नाम से मौजूद अधिकांश दूरभाष नंबर भी साइबर ठगों के हैं। लोग इन नंबरों पर फोन तो सहायता मांगने के लिए करते हैं, मगर साइबर ठग उन्हें झांसे लेकर बैंक खाता खाली कर देते हैं। ऐसे ही एक मामला आया है देहरादून के क्लेमेनटाउन से। यहां के निवासी संजीव कुमार पाल को साइबर ठगों ने तीन लाख रुपये की चपत लगा दी। क्लेमेनटाउन थानाध्यक्ष कुलवंत जलाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि संजीव ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में साइबर ठगी की शिकायत की है। आगे पढ़िए
तहरीर में बताया गया है कि संजीव के पास स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) का क्रेडिट कार्ड है। बीती आठ जुलाई को उन्होंने इंटरनेट पर बैंक की क्रेडिट कार्ड सेवा से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर खोजकर उस पर फोन किया था, मगर उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद उनको दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआइ का कस्टमर केयर अधिकारी बताया और उसने संजीव को सहायता का भरोसा देकर फोन में एक एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद उन्होंने उस एप में उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने को कहा। ऐसा करने के कुछ मिनट बाद ही संजीव के खाते से तीन लाख रुपये कट गए। वहीं क्लेमेनटाउन थाना पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।