देहरादून में साइबर ठगों का खेल: इधर बैंक का हेल्पलाइन नंबर ढूंढा, उधर अकाउंट से 3 लाख गायब

इंटरनेट पर बैंक का हेल्पलाइन नंबर डायल करना पड़ा भारी, एसबीआइ का कस्‍टमर केयर अध‍िकारी बनकर लगाई तीन लाख की चपत
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dehradun cyber crime: fraud of 3 lakh in the name of bank helpline in dehradun
Image: fraud of 3 lakh in the name of bank helpline in dehradun

देहरादून: राजधानी देहरादून में साइबर ठगी मामलों में कमी नहीं आ रही।

fraud in the name of bank helpline in dehradun

अब साइबर ठगों की हिम्मत यहां तक पहुंच गई है कि वे बैंक कर्मी बन बैंक खाते की केवाईसी करने के नाम पर लोगों को लाखों की चपत लगा रहे हैं। उन्होंने बड़ी ही चतुराई के साथ इंटरनेट पर विभिन्न कंपनियों और बैंकों की हेल्पलाइन के नाम से मौजूद अधिकांश दूरभाष नंबर भी साइबर ठगों के हैं। लोग इन नंबरों पर फोन तो सहायता मांगने के लिए करते हैं, मगर साइबर ठग उन्हें झांसे लेकर बैंक खाता खाली कर देते हैं। ऐसे ही एक मामला आया है देहरादून के क्लेमेनटाउन से। यहां के निवासी संजीव कुमार पाल को साइबर ठगों ने तीन लाख रुपये की चपत लगा दी। क्लेमेनटाउन थानाध्यक्ष कुलवंत जलाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि संजीव ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में साइबर ठगी की शिकायत की है। आगे पढ़िए

तहरीर में बताया गया है कि संजीव के पास स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) का क्रेडिट कार्ड है। बीती आठ जुलाई को उन्होंने इंटरनेट पर बैंक की क्रेडिट कार्ड सेवा से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर खोजकर उस पर फोन किया था, मगर उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद उनको दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआइ का कस्टमर केयर अधिकारी बताया और उसने संजीव को सहायता का भरोसा देकर फोन में एक एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद उन्होंने उस एप में उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने को कहा। ऐसा करने के कुछ मिनट बाद ही संजीव के खाते से तीन लाख रुपये कट गए। वहीं क्लेमेनटाउन थाना पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।