उत्तराखंड: साधारण जिंदगी के पीछे छिपा था करोड़ों का राज, पाकिस्तान कनेक्शन में जांच एजेंसियों के निशाने पर सोनम

हरिद्वार की सोनम को करोड़ों रुपये के संदिग्ध पाकिस्तानी ट्रांजेक्शन मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। ऑनलाइन बिजनेस की आड़ में चल रहे नेटवर्क की जांच तेज हो गई है।
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Haridwar Sonam Pakistan Connection: Pakistani Transaction Case Shocking Revelations About Haridwar Woman Sonam
Image: Pakistani Transaction Case Shocking Revelations About Haridwar Woman Sonam

हरिद्वार: Haridwar के कलियर क्षेत्र की रहने वाली सोनम का नाम करोड़ों रुपये के संदिग्ध पाकिस्तानी ट्रांजेक्शन मामले में सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आई सोनम को लेकर लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बाहर से बेहद सामान्य और साधारण जीवन जीने वाली यह युवती आखिर कैसे सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर पहुंच गई, इसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

Pakistani Transaction Case: Shocking Revelations About Haridwar Woman Sonam

बताया जा रहा है कि सोनम अपने परिवार और पड़ोसियों को यह बताती थी कि वह ऑनलाइन बिजनेस करती है और उसी से उसे अच्छा मुनाफा हो रहा है। परिवार को भी यही लगा कि उनकी पढ़ी-लिखी बेटी मेहनत करके घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही है। ग्रामीणों के अनुसार सोनम का भाई बेरोजगार है और उसका कोई स्थायी काम-धंधा नहीं है। इसके बावजूद वह गांव में लगातार यह दावा करता था कि ईद के बाद वह नई चमचमाती थार गाड़ी खरीदने वाला है। जिस परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वे मुश्किल से अपना खर्च चला पा रहे थे, उस परिवार के बेरोजगार बेटे की लग्जरी गाड़ी खरीदने की बात सुनकर गांव वाले भी हैरान थे। अब सोनम की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों को समझ आने लगा है कि आखिर इन बड़े-बड़े दावों और अचानक आए पैसों के पीछे असली कहानी क्या थी।

परिवार को भी नहीं हुआ शक

सोनम ने अपने परिवार वालों को कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल है। उसने घरवालों को बताया था कि वह इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन काम करती है और उसी से उसे मोटा मुनाफा होता है। परिवार वालों को लगा कि बेटी पढ़-लिखकर घर की जिम्मेदारी संभाल रही है। गांव वालों को भी यही विश्वास था कि सोनम कोई वैध ऑनलाइन बिजनेस कर रही है।

साधारण परिवार से जुड़ी है सोनम

Kaliyar क्षेत्र के कोटा माछरहेड़ी गांव निवासी सोनम के पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में पांच बहनें और एक भाई है। सोनम ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई स्थानीय स्कूल से पूरी की। इसके बाद उसने बीए किया और फिर प्राइवेट एमए की पढ़ाई पूरी की। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से एक इंटर कॉलेज में पढ़ाने का काम कर रही थी। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक सोनम के कंधों पर आ गई थी। इसी वजह से परिवार को उसकी गतिविधियों पर कभी शक नहीं हुआ।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की गिरफ्तारी

Jammu and Kashmir Police ने स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर सोनम को उसके घर से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन में शामिल हो सकती है। इस मामले की जानकारी तब सामने आई जब जम्मू-कश्मीर में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान उसके बैंक खातों और लेनदेन का पता चला। आगे पढ़िए..

बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की गहन जांच

अब सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सोनम के बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले एक साल में उसने किन-किन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही हैं जिनके खातों में संदिग्ध रकम ट्रांसफर की गई।

लैपटॉप पर घंटों करती थी काम

स्थानीय लोगों के अनुसार सोनम अक्सर लैपटॉप पर घंटों व्यस्त रहती थी। हालांकि वह ऐसा समय चुनती थी जब आसपास ज्यादा लोग मौजूद न हों, जिससे किसी को उसके काम की असलियत का अंदाजा न हो सके। अब जांच एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं ताकि उसके संपर्कों और नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने लाई जा सके।

भाई और करीबी लोगों से भी होगी पूछताछ

जांच एजेंसियां अब सोनम के भाई और उसके करीबी संपर्कों से भी पूछताछ करने की तैयारी में हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि उसका भाई करोड़ों के ट्रांजेक्शन और थार खरीदने जैसी बातों से कितना वाकिफ था या वह भी सिर्फ सोनम के झूठे ऑनलाइन बिजनेस वाले दावों के जाल में फंसा हुआ था।

रुड़की क्षेत्र पहले भी रहा है सुर्खियों में

Roorkee क्षेत्र पहले भी संदिग्ध आतंकी गतिविधियों और खुफिया मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। वर्ष 2014 में रुड़की के डीएवी ग्राउंड के पास हुए बम ब्लास्ट और 2016 में लंढौरा क्षेत्र से पकड़े गए संदिग्धों के मामलों ने लंबे समय तक सुर्खियां बटोरी थीं। अब सोनम का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सीमा पार हैंडलर्स से संपर्क की आशंका

शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सीमा पार बैठे कुछ हैंडलर्स ने सोनम को पैसों का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल किया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक साल से वह संदिग्ध पैसों के लेन-देन में सक्रिय थी। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

गांव में डर और हैरानी का माहौल

सोनम की गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत और हैरानी का माहौल है। जो लड़की बच्चों को पढ़ाती थी और सामान्य जीवन जीती दिखाई देती थी, उसका नाम इतने बड़े संदिग्ध मामले में आने से लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीण अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर उनके बीच क्या खेल चल रहा था।