उत्तराखंड कांवड़ यात्रा में टूटे सारे रिकॉर्ड, 4000 करोड़ का हुआ कारोबार..पढ़िए रोचक आंकड़े

Uttarakhand Kanwar Yatra 2022 का समापन, 4 करोड़ श्रद्धालुओं को सफलतापूर्वक किया विदा, 4 हजार करोड़ का हुआ कारोबार…इस बार टूट गए सारे रिकॉर्ड
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uttarakhand kanwar yatra 2022 records: 4000 crores business this time in Uttarakhand Kanwar Yatra
Image: 4000 crores business this time in Uttarakhand Kanwar Yatra

हरिद्वार: उत्तराखंड में कांवड़ मेले 2022 का सफलतापूर्वक समापन हो गया है।

4000 crores business in Uttarakhand Kanwar Yatra 2022

पिछले दो वर्षों से कोरोना की वजह से कांवड़ यात्रा पर रोक लगी हुई थी इसलिए इस बार रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु हरिद्वार कांवड़ लेने पहुंचे। इस बार करीब चार करोड़ श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे। ये पहला मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने मेले में शिरकत की और पिछले 10 दिनों से ऋषिकेश और हरिद्वार शिव भक्तों की आवाजाही से गुलजार रहा। दो साल कोरोना संक्रमण के बाद सरकार को भी यह पता था कि इस बार काफी बड़ी तादाद में कांवड़िया हरिद्वार पहुंचेंगे और 10 दिनों तक चलने वाली इस कांवड़ मेले के लिए सरकार ने पूरे इंतजाम किए हुए थे जो कि काफी हद तक सफल रहे। हरिद्वार में कांवड़ मेला 14 जुलाई से शुरू हुआ और 26 जुलाई को इसका समापन हो गया। एक अनुमान के मुताबिक, तीन करोड़ 40 लाख कांवड़िये बीते 5 दिनों में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए निकले। यह इतिहास में पहला मौका था जब कांवड़ मेले के लिए 4 करोड़ से ज्याद कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे। वहीं फ्लाईओवर ने क्राउड मैनेजमेंट में अहम भूमिका अदा की।

फ्लाईओवर होने की वजह से हरकी पौड़ी से चलने वाले कांवड़ियों को सीधे दिल्ली की ओर भेजा जा रहा था जबकि, पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालु कांवड़ पटरी से गुजर रहे थे। अगर हरिद्वार पहले की तरह होता तो इतने ज्यादा श्रद्धालुओं का आना नामुमकिन हो जाता। मेले के अंतिम दिनों में कांवड़ियों का भारी दबाव होने के बावजूद भी शानदार तरह से क्राउड मैनेजमेंट किया गया और इसमें शासन-प्रशासन के साथ पुलिस का भी बेहद अहम रोल है। पुलिस ने कांवड़ मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 29 जोन और 130 सेक्टरों में बांटा गया था। कुल मिला कर देखा जाए तो इस बार कांवड़ मेला पूरी तरह से सफल रहा और अच्छी बात ये रही कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से सबक लिया और तमाम बातों का ख्याल रखते हुए कांवड़ मेले की तैयारियां पहले से ही कर लीं जिससे बिना किसी मुसीबत के Uttarakhand Kanwar Yatra 2022 का सफल आयोजन हो पाया।