Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
पहाड़ों में भूस्खलन के चलते संपर्क मार्ग बाधित हैं तो वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव दिक्कतें बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के तीन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन जिलों में आज भारी बारिश के आसार हैं, उनमें चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा देहरादून, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंहनगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की आशंका है। पिछले एक हफ्ते से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पहाड़ों के साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बुधवार को तड़के प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। दून में भारी वर्षा के कारण घरों व दुकानों में पानी घुस आया। जबकि, चौक-चौराहों के जलमग्न होने के साथ ही नदी-नाले उफान पर आ गए।
सहस्रधारा रोड स्थित दुर्गा विहार में करीब डेढ़ दर्जन घरों में वर्षा का पानी व मलबा घुस गया। साथ ही सड़क पर भी दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इसके अलावा सुभाष रोड स्थित एक कांप्लेक्स के बेसमेंट में वर्षा का पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज भी भारी वर्षा के एक से दो दौर हो सकते हैं। बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में छोटे-बड़े दो दर्जन मार्ग अवरुद्ध हैं। उत्तराखंड में 26 जुलाई से रह रहकर बारिश जारी है। खासकर पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। आने वाले कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। ऐसे में भूस्खलन का खतरा बढ़ने के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। लिहाजा लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। पर्यटकों को भी मानसून को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए।