सहसपुर के बैरागीवाला गांव में पानी के विवाद को लेकर भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या कर दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Dehradun BJP Leader Murder Bulldozer Action After Deadly Water Dispute
देहरादून: सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में पानी के पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा ओबीसी मोर्चा से जुड़े नेता विनोद कुमार की कथित तौर पर हथौड़े और अन्य हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। इस घटना में उनके परिवार के तीन सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
Dehradun BJP Leader Murder: Bulldozer Action After Deadly Water Dispute
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि प्रशासन ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की। सहसपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित बैरागीवाला गांव शनिवार शाम उस समय हिंसा की आग में झुलस गया, जब पानी के पुराने विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस हमले में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सह संयोजक विनोद कुमार (विनोद कश्यप) की मौत हो गई, जबकि उनके भाई अशोक, राजेश और भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए।
पानी के विवाद ने लिया खूनी रूप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, मृतक के परिवार और पड़ोसी खेत मालिक इम्तियाज के बीच लंबे समय से सिंचाई के पानी को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि शनिवार शाम इसी रंजिश के चलते 12 नामजद आरोपियों समेत करीब 30 से 35 लोग लाठी-डंडे, हथौड़े और बेलचे लेकर विनोद कुमार के घर पहुंचे और परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को हरबर्टपुर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
12 नामजद, कई अज्ञात लोगों पर मुकदमा
मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने रज्जाक, इम्तियाज, अमन, युनुस, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार सहित 12 नामजद आरोपियों तथा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई। प्रशासन ने आरोपियों के मकानों को चिह्नित कर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सांप्रदायिक तनाव के बीच प्रशासन अलर्ट
चूंकि विवाद में दो अलग-अलग समुदायों के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, इसलिए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पुलिस की अपील
देहरादून पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अपुष्ट सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।