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देहरादून: देहरादून में जमीन खरीदना, मकान बनाना महंगा होता जा रहा है। Buying property in Dehradun will be expensive रेत-बजरी और सीमेंट-सरिया के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं और अब लोगों को देहरादून नगर निगम क्षेत्र में दाखिल खारिज करवाने के लिए भी ज्यादा फीस देनी होगी। करीब 23 साल के बाद निगम ने दाखिल खारिज के लिए तय फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में यह फीस डेढ़ सौ से पांच हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखने की तैयारी है। इसके अलावा डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन के यूजर चार्ज में भी बढ़ोतरी की जाएगी। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त और कर अधीक्षक के मुताबिक निगम में अब तक दाखिल खारिज की फीस 1999 से 150 रुपये ली जा रही है। इस प्रक्रिया से निगम को आय कम हो रही है, जबकि खर्च ज्यादा आ रहा है। आसान भाषा में समझें तो इससे निगम को नफा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है।
यही वजह है कि दाखिल खारिज के लिए तय शुल्क को 150 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक के एजेंडे में रखा गया है। बैठक में डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन के लिए तय यूजर चार्ज में बढ़ोतरी पर भी विचार किया जाएगा। स्ट्रीट लाइटों के लिए ऑटोमेटिक स्विच खरीदने के लिए एक करोड़ के बजट का प्रावधान, वार्डों के विकास कार्यों के प्रस्ताव जिला योजना समिति को प्रेषित करने, पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए 20 करोड़ के बजट का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। आवासीय मकानों के सेल डीड, गिफ्ट डीड के लिए निर्धारित स्टांप मूल्य का एक प्रतिशत, व्यावसायिक संपत्ति के विक्रय विलेख द्वारा नामांतरण के लिए निर्धारित स्टांप मूल्य का 2 प्रतिशत शुल्क लेने का प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर भी शुल्क देना होगा। हालांकि विपक्ष के पार्षद शुल्क बढ़ोतरी का विरोध कर सकते हैं।