उत्तराखंड के 84 गांवों में आज भी किसानों के पास पुश्तैनी जमीन के पक्के कागज नहीं हैं। ग्रामीणों ने भू-माफियाओं पर फर्जी खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है..
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Image: Uttarakhand 84 Villages Still Await Legal Land Records
देहरादून: विकासनगर तहसील अंतर्गत बिनहार क्षेत्र के दर्जनों गांव आज भी भूमि अभिलेखों की समस्या से जूझ रहे हैं। बिनहार क्षेत्र लंबे समय तक पुराने राजस्व ढांचे और ब्रिटिश कालीन रिकॉर्ड व्यवस्था के तहत संचालित होता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता के कई दशक बाद भी मटोगी, मदरसूं, बानाधार सहित 84 गांवों के लोगों के पास अपनी पुश्तैनी जमीन के पक्के स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
Uttarakhand's 84 Villages Still Await Legal Land Records
इसी मांग को लेकर ग्रामीण एक बार फिर विकासनगर तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि के स्पष्ट और प्रमाणित रिकॉर्ड न होने का फायदा कथित रूप से कुछ भू-माफिया उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई जमीनों की बार-बार फर्जी तरीके से खरीद-फरोख्त की जा रही है और कुछ मामलों में भूमि के पते एवं विवरण भी गलत दर्ज किए गए हैं।
SDM ने बताई देरी की वजह
उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण सरकारी नक्शे उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कई पुराने राजस्व दस्तावेज उर्दू भाषा में होने के कारण उनके सत्यापन और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में समय लग रहा है। प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड के सत्यापन और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
कई बार दे चुके हैं ज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर वे पहले भी कई बार एसडीएम, जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं। उनका कहना है कि हर बार कार्रवाई का आश्वासन मिलता है, लेकिन वर्षों बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया, तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। हालांकि चुनाव बहिष्कार का यह निर्णय ग्रामीणों की ओर से व्यक्त चेतावनी है और प्रशासन की ओर से इस पर अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।