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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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चम्पावत: उत्तराखंड के एक और जांबाज लाल ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल अब हमारे बीच नहीं रहे। सूबेदार मेजर नंदन सिंह बीते दिनों पहलगाम में हुए बस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वे हादसे के दौरान अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर थे। इस हादसे में उनके कुछ और साथी भी घायल हुए थे। जवान नंदन सिंह चंपावत के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि बस हादसे में घायल हुए सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल ने कुछ दिन पहले ही परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की थी। उन्होंने कहा था मैं ठीक हूं। यह सुनकर परिजनों की चिंता दूर हुई थी। लेकिन मंगलवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
चंपावत जिले के देवीधुरा पखोटी निवासी सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल (50) के दो बेटे और दो बेटी हैं। सभी पढ़ाई कर रहे हैं। बता दें कि 16 अगस्त को अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी के बाद चंदनवाड़ी से पहलगाम जाते समय जवानों से भरी बस खाई में गिर गई थी। हादसे में 30 जवान जख्मी हो गए थे। इन्हीं घायल जवानों में नंदन सिंह चम्याल भी थे। सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों में उन्हें चोट आई थी। गंभीर रूप से घायल जवान का श्रीनगर में इलाज चल रहा था। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी वो लगातार परिजनों के संपर्क में थे। वीडियो कॉल पर उन्हें दिलासा भी दी थी और कहा था कि वो ठीक हो रहे हैं, जल्द ही अपनों के बीच पहुंचेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हो नहीं सका। उनके अचानक निधन से परिजन गहरे सदमे में हैं।