उत्तराखंड अगनिवीर भर्ती में कई युवा तो ऐसे थे जो महज एक सेंटीमीटर की कमी से अग्निवीर नहीं बन सके। दौड़ पूरी कर लेने के बावजूद शारीरिक परीक्षण में बाहर हो गए।
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कोमल नेगी
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Image: Many youth out in Uttarakhand Agniveer recruitment
कोटद्वार: बात जब देश सेवा की हो तो उत्तराखंड के युवाओं का कोई सानी नहीं।
Uttarakhand Agniveer recruitment Many youth out
सेना में भर्ती के लिए यहां के युवाओं में खूब उत्साह दिखता है। इन दिनों कोटद्वार में अग्निवीर सेना भर्ती रैली चल रही है। जिसमें भाग लेने के लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवा कोटद्वार पहुंचे हैं। भर्ती के चौथे दिन रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले की तीन तहसीलों के 5122 युवाओं ने कैंप में दौड़ लगाई। इनमें से कई युवा दौड़ में सफल रहे, लेकिन हजारों युवा ऐसे भी थे, जो कम लंबाई की वजह से सेना में भर्ती होने का अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। भर्ती रैली में कम लंबाई की वजह से लैंसडौन और रुद्रप्रयाग तहसील के युवा मात खा गए। कई युवा तो ऐसे थे जो महज एक सेंटीमीटर की कमी से अग्निवीर नहीं बन सके।
विक्टोरिया क्रॉस गबर सिंह कैंप में रात के दो बजे प्रवेश करते ही युवाओं की लंबाई नापी गई। उन्हें लोहे के फ्रेम से गुजारा गया तो सैकड़ों युवा फ्रेम की ऊंचाई तक पहुंच ही नहीं पाए। दौड़ पूरी करने के बावजूद शारीरिक परीक्षण में लंबाई की बारीकी से जांच में भी कई युवकों को बाहर का रास्ता देखना पड़ा। चौथे दिन भर्ती में 5122 युवा पहुंचे। भर्ती के लिए 5928 युवाओं ने पंजीकरण कराया था, लेकिन 806 युवा किन्हीं कारणों से कोटद्वार नहीं पहुंच सके। उधर पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने सेना भर्ती कार्यालय लैंसडौन को पत्र भेजकर उत्तराखंड के युवाओं के लिए लंबाई एवं सीने की चौड़ाई के मानकों को पूर्व भर्ती रैलियों के समान रखने की मांग की। ये भी कहा कि अग्निवीर भर्ती की दौड़ में युवाओं को 300 की बजाय 150 के ग्रुप में दौड़ाया जाए। 23 अगस्त को पौड़ी जिले की कोटद्वार, रिखणीखाल और पौड़ी तहसील के युवाओं की अग्निवीर भर्ती आयोजित की जा रही है।