उत्तराखंड में 11 साल से पहचान छुपाकर रह रही थी बांग्लादेशी महिला, सारे कागजात निकले फर्जी

Bangladeshi woman पिछले 11 साल से पहचान छुपाकर Rishikesh में रह रही थी। उसने भारत में अवैध रूप से रहते हुए भारतीय दस्तावेज भी बना लिए थे।
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Image: Bangladeshi woman Arrested in Rishikesh awas vikas colony

ऋषिकेश: उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आए लोगों के सत्यापन का अभियान चल रहा है। पुलिस प्रदेशवासियों को भी जागरूक कर रही है, साथ ही मकान मालिकों से किरायेदारों का पुलिस वैरिफिकेशन कराने को कह रही है।

bangladeshi Woman Arrested in Rishikesh

लगातार जारी अभियान के बीच देहरादून पुलिस ने बुधवार को एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। यह महिला पिछले 11 साल से पहचान छुपाकर ऋषिकेश में रह रही थी। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर उक्त महिला के विरुद्ध थाना ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 471/22 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी आईपीसी, धारा 14 विदेशी अधिनियम व धारा 12 पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ओवरस्टे कर रहे विदेशी नागरिकों की खोजबीन करने और उनके संबंध में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत पुलिस ने यहां अवैध रूप से रह रहे लोगों की खोजबीन करने के लिए विशेष अभियान चलाया।

Rishikesh Bangladeshi Woman Arrested All Detail

इस दौरान एलआईयू देहरादून को ऋषिकेश के आवास विकास कॉलोनी में एक बांग्लादेशी महिला के ओवरस्टे करने की जानकारी मिली। उक्त महिला सोनिया चौधरी पत्नी बाबला चौधरी हाल निवासी 927 आवास विकास कॉलोनी, वीरभद्र रोड, ऋषिकेश, जनपद देहरादून के आवास पर जाकर उनके यात्रा संबंधी दस्तावेज व पहचान पत्रों की जांच की गईं। जांच में पता चला कि महिला बांग्लादेशी पासपोर्ट धारक है, जिसकी वैधता 25 दिसंबर 2014 को समाप्त हो चुकी है और वीजा की वैधता भी दिनांक 18 सितंबर 2011 को समाप्त हो चुकी है। अन्य पहचान पत्रों की जांच करने पर पता चला कि महिला ने भारत में अवैध रूप से रहते हुए भारतीय दस्तावेज भी बना लिए थे। जो कि आईपीसी एवं पासपोर्ट अधिनियम 1967/विदेशी अधिनियम 1946 के प्रावधानों का उल्लंघन है। फिलहाल आरोपी महिला पुलिस की गिरफ्त में है, उससे पूछताछ की जा रही है।