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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: मानसून की विदाई का वक्त करीब है, लेकिन बारिश का दौर थमता नहीं दिख रहा।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश से नदियां-गदेरे उफनाए हुए हैं। भूस्खलन की वजह से सड़कों पर ट्रैफिक बाधित है। अगले 24 घंटों की बात करें तो देहरादून और नैनीताल जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक, इन जिलों के ज्यादातर इलाकों में तेज गर्जना के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत अधिक भारी बारिश की संभावना है। मैदान से लेकर पहाड़ के अन्य इलाकों में भी तेज हवा के साथ ही कहीं-कहीं झमाझम बारिश की संभावना है। खराब मौसम को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावनाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी सोनिका ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
पर्वतीय जिलों में भी बारिश के चलते दो दिनों से अधिकांश रास्ते बंद हैं। बीते दिन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ब्यासी व सिंगटाली के पास मलबा आने से रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसी तरह ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी नरेंद्रनगर के पास पहाड़ खिसकने से भारी वाहनों का आवागमन बंद रहा। बुधवार को ब्यासी के पास पहाड़ से मलबा आने से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। शुक्रवार को भी यही हाल रहा। पहाड़ दरकने से ब्यासी और सिंगटाली के पास मलबा आ गया था, जिस वजह से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। नरेंद्रनगर के पास भूस्खलन होने की वजह से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। निर्माणदायी कंपनी की ओर से सड़कों की मरम्मत की जा रही है। सड़कें बंद होने की वजह से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की तमाम जानकारियों के लिए Uttarakhand weather update पढ़ते रहें।