सरकारी स्कूल में 8वीं में पढ़ने वाले एकमात्र छात्र को पढ़ाने के लिए 3 शिक्षक हर वक्त मौजूद रहते हैं। इतना ही नहीं इस स्पेशल स्टूडेंट को खाना खिलाने के लिए भोजनमाता भी तैनात की गई है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Pauri Garhwal Bironkhal Block Badiana School Story
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के शिक्षा विभाग का गजब हाल है। कहीं स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, तो कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां एक छात्र को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की पूरी फौज खड़ी है।
Pauri Garhwal Badiana School Story
पौड़ी जिले के बाड़ियाना गांव में यही हो रहा है। यहां हाईस्कूल में एकमात्र छात्र को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक तैनात हैं। इतना ही नहीं इस इकलौते छात्र को दोपहर का भोजन कराने के लिए भोजनमाता भी तैनात की गई हैं। यह अनूठा स्कूल बीरोंखाल ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्र बाड़ियाना में स्थित है। यहां 8वीं में पढ़ने वाले एक छात्र को पढ़ाने के लिए 3 शिक्षक हर वक्त मौजूद रहते हैं। वहीं जिले के कई स्कूलों की स्थिति इससे उलट है। बीरोंखाल विकास खंड में 17 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इनमें भैंस्वाड़ा, गढ़कोट, नऊ, सिसई में छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद मानकों के अनुरूप शिक्षक तैनात नहीं किए गए हैं।
शिक्षकों की कमी की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण लगातार शिक्षकों की तैनाती की मांग करते आ रहे हैं। बाड़ियाना गांव के प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गांव के स्कूल को बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज कर दिया जाना चाहिए। इससे खर्च कम होगा, दूसरे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी, लेकिन विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। वहीं मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज ने बताया कि बाड़ियाना में तैनात एक शिक्षक का समायोजन करने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। बाड़ियाना में तैनात शिक्षकों का समायोजन दूसरे विद्यालयों में किया जाएगा। अधिकारियों से बीरोंखाल संबंधी पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी।